केरल के परिवहन मंत्री एंटनी राजू ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कैमरे चालू होने के बाद देश के इस दक्षिणी राज्य में यातायात उल्लंघन के मामलों में कमी आई है।
राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों के लिए आयोजित एक लीडरशिप कैंप का उद्घाटन करने के बाद, उन्होंने कहा कि राज्य में हर महीने लगभग 4.5 लाख यातायात उल्लंघन की रिपोर्ट आती थी, जो एआई कैमरे स्थापित करने के बाद घटकर 2.5 लाख हो गई।
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मंत्री ने रविवार को बताया कि केरल यह साबित करने में सक्षम था कि एआई कैमरे वास्तव में समाज के लिए फायदेमंद हैं क्योंकि यह कई लोगों की जान बचाने में सक्षम हैं। राजू ने कहा, "एआई कैमरों लागने से पहले, राज्य में हर महीने लगभग 4.5 लाख यातायात उल्लंघन की सूचना मिलती थी। जून में कैमरे की स्थापना के साथ, यह घटकर 2.5 लाख रह गई है। सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में भी कमी आई है।"
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मंत्री ने आगे कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के कारण चिकित्सा उपचार लेने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने कहा, "एआई कैमरों ने वीआईपी से लेकर आम लोगों तक के कानून के उल्लंघन की सूचना दी है, जिससे साबित होता है कि कानून के सामने हर कोई समान है। राज्य यह साबित करने में सक्षम है कि एआई कैमरे समाज के लिए फायदेमंद हैं।"
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पड़ोसी तमिलनाडु सहित विभिन्न राज्यों के परिवहन अधिकारियों की एक टीम ने एआई कैमरा सिस्टम का अध्ययन करने के लिए हाल ही में केरल का दौरा किया था, जिसकी स्थापना से दक्षिणी राज्य में सड़कों पर यातायात उल्लंघन और घातक दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिली है। स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए राजू ने कहा कि जल्द ही सड़क सुरक्षा नियमों को स्कूली छात्रों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
सेफ केरल प्रोजेक्ट (सुरक्षित केरल परियोजना) के तहत राज्य की सड़कों पर यातायात उल्लंघन की निगरानी के लिए एआई कैमरे लगाए गए थे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जुलाई में सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या 67 थी, जो पिछले साल इसी महीने में दर्ज की गई 313 मौतों से काफी कम है।