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राशि अनुसार जानिए किस देवता की पूजा करने से आपको मिलेगा मनचाहा फल

Fri, 13 Apr 2018 07:37 AM IST
धीरज साहू, ज्योतिषाचार्य
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sun sign
अक्सर मनुष्य के मन में यह विचार आता है कि किस देवी या देवता की पूजा करना फलदायी रहता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, अलग-अलग राशि के जातकों के देवता अलग-अलग होते हैं। राशिनुसार उनका पूजन करने से लाभ प्राप्त होता है और देवकृपा भी बनी रहती है। 

प्रत्येक देवी-देवता किसी न किसी ग्रह से संबंधित होते हैं, ऐसे में यदि कोई देवी-देवता जातक की कुंडली की ग्रह स्थिति से मेल नहीं खाते हैं, तो जातक को पूजा-पाठ से अनुकूल परिणाम नहीं मिलते। कई बार तो ग्रह दशा के विपरीत देवी-देवता चुनने से जातक को हानि भी उठानी पड़ जाती है। मान्यता है कि अपनी कुंडली की ग्रह स्थिति के अनुसार ही देवी-देवता चुनना श्रेयस्कर होता है। कुंडली अनुकूल देवी-देवता जानने के लिए जातक की कुंडली का प्रथम भाव, पंचम भाव और नवम भाव से चुनना उत्तम होता है।
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ARIES
मेष लग्न :- इस लग्न के प्रथम भाव में मेष राशि, पंचम भाव में सिंह राशि व नवम भाव में धनु राशि होती है अतः इन जातकों के लिए हनुमान जी, सूर्य देव, श्री राम व भगवान विष्णु की उपासना उत्तम और फलदायक होती है।
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TAURUS
वृष लग्न :- इस लग्न के प्रथम भाव में वृष राशि, पंचम भाव में कन्या राशि व नवम भाव में मकर राशि होती है, अतः इन जातकों के लिए मां लक्ष्मी, गणेश व मां दुर्गा की उपासना उत्तम और फलदायक होती है। 

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GEMINI
मिथुन लग्न :- इस लग्न के प्रथम भाव में मिथुन राशि, पंचम भाव में तुला राशि व नवम भाव में कुंभ राशि होती है। इन जातकों के लिए गणेश जी, मां लक्ष्मी, मां काली व शनि देव की  उपासना उत्तम और फलदायक होती है।
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कर्क राशिः
कर्क लग्न :- इस लग्न के प्रथम भाव में कर्क राशि, पंचम भाव में वृश्चिक राशि व नवम भाव में मीन राशि होती है, अतः इन जातकों के लिए शिव जी, हनुमान जी तथा विष्णु जी की उपासना उत्तम और फलदायक   होती है।
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सिंह राशि
सिंह लग्न:- इस लग्न के प्रथम भाव में सिंह राशि, पंचम भाव में धनु राशि व नवम भाव में मेष राशि होती है, अतः इन जातकों के लिए सूर्य देव, विष्णु जी व हनुमान जी की उपासना उत्तम और फलदायक होती है।
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कन्या राशि
कन्या लग्न:- इस लग्न के प्रथम भाव में कन्या राशि, पंचम भाव में मकर राशि व नवम भाव में वृषभ राशि होती है, अतः इन जातकों के लिए गणेश जी, मां दुर्गा तथा लक्ष्मी जी की उपासना उत्तम और फलदायक  होती है।

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तुला
तुला लग्न:- इस लग्न के प्रथम भाव में तुला राशि, पंचम भाव में कुंभ राशि व नवम भाव में मिथुन राशि होती है, अतः इन जातकों के लिए मां लक्ष्मी, मां काली, मां दुर्गा व गणेश जी की उपासना उत्तम और फलदायक होती है।

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वृश्चिक राशि
वृश्चिक लग्न:- इस लग्न के प्रथम भाव में वृश्चिक राशि, पंचम भाव में मीन राशि व नवम भाव में कर्क  राशि होती है, अतः इन जातकों के लिए हनुमान जी, विष्णु जी तथा शिव जी की उपासना उत्तम और फलदायक होती है।

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धनु राशि
धनु लग्न:- इस लग्न के प्रथम भाव में धनु राशि, पंचम भाव में मेष राशि व नवम भाव में सिंह राशि होती है, अतः इन जातकों के लिए विष्णु जी, हनुमान जी व सूर्य व श्री राम की उपासना उत्तम और फलदायक   होती है।

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मकर राशि
मकर लग्न:- इस लग्न के प्रथम भाव में मकर राशि, पंचम भाव में वृष राशि व नवम भाव में कन्या राशि होती है, अतः इन जातकों के लिए शनि देव, हनुमान जी, मां दुर्गा, लक्ष्मी जी व गणेश जी की  उपासना उत्तम और फलदायक होती है।

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कुंभ राशि
कुंभ लग्न:- इस लग्न के प्रथम भाव में कुंभ राशि, पंचम भाव में मिथुन राशि व नवम भाव में तुला राशि होती है, अतः इन जातकों के लिए शनि देव, मां काली, गणेश जी, मां दुर्गा तथा मां लक्ष्मी  की उपासना उत्तम और फलदायक होती है।
 
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मीन राशि - फोटो : pisces sign
मीन लग्न:- इस लग्नवृष लग्न :- इस लग्न के प्रथम भाव में वृष राशि, पंचम भाव में कन्या राशि व नवम भाव में मकर राशि होती है, अतः इन जातकों के लिए मां लक्ष्मी, गणेश व मां दुर्गा की उपासना उत्तम और फलदायक होती है। 
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