महाभारत में महात्मा विदुर एक महत्वपूर्ण पात्र थे। ये ऋषि वेदव्यास के पुत्र थे। विदुर जी बहुत ज्ञानी दूरदर्शी और विद्वान व्यक्ति थे। वेद-वेदांत में परांगत और बुद्धिमान होने पर भी उनका स्वाभाव अत्यंत सरल था। जब भगवान कृष्म महाभारत युद्ध से पहले शांति दूत बनकर आए तो वे महत्मा विदुर के यहां ही ठहरे थे। विदुर सत्य, ज्ञान, साहस निष्पक्ष निर्णय और धर्म परायण होने के लिए जाने जाते हैं। विदुर जी की शिक्षाएं आज के समय में भी मनुष्य को सही रहा पर चलने के लिए प्रेरित करती हैं। विदुर जी ने अपनी नीति में कुछ कार्य ऐसे बताएं हैं जिन्हें करने से बचना चाहिए। जो लोग ये कार्य करते हैं वे मूर्ख कहलाते हैं और अपने जीवन में दुखों को प्राप्त करते हैं। तो चलिए जानते हैं विदुर नीति।