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Venus Transit 2021: आज शुक्र का कन्या राशि में गोचर, इन राशियों के भाग्य में करेगा वृद्धि

Wed, 11 Aug 2021 06:59 AM IST
रुस्तम राणा पं. मनोज कुमार द्विवेदी, ज्योतिषाचार्य, नई दिल्ली
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शुक्र का कन्या राशि में गोचर 2021 - फोटो : अमर उजाला
शुक्र ग्रह 11 अगस्त दिन बुधवार को कन्या राशि में गोचर करने जा रहे हैं। शुक्र इससे पहले सूर्य की राशि सिंह राशि में थे, अब वह बुध की राशि कन्या में प्रवेश करेंगे। शुक्र कन्या राशि में 6 सितंबर तक रहेंगे और इसके बाद तुला राशि में गोचर करेंगे। वैदिक ज्योतिष में शुक्र को एक शुभ ग्रह बताया गया है, जिनको वृष और तुला राशि का स्वामित्व प्राप्त है। वहीं शुक्र भोग विलास, शारीरिक सुख, वैवाहिक सुख आदि का कारक ग्रह बताया गया है। शुक्र का ज्योतिषशास्त्र में महत्वपूर्ण स्थान है। कला के क्षेत्र में अधिकांश वही लोग होते हैं जिनका शुक्र उच्च का होता है। शुक्र को कला, प्रेम, सौंदर्य और सांसारिक तथा भौतिक सुखों का कारक कहा जाता है। शुक्र को मीन राशि में उच्च तो कन्या राशि में नीच का माना जाता है। शुक्र के इस गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर शुभ-अशुभ रूप से पड़ेगा। आइए जानते हैं सभी बारह राशियों पर शुक्र ग्रह के गोचर का प्रभाव-
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मेष
मेष जातकों के लिये शुक्र का परिवर्तन राशि से छठे स्थान में यानि कन्या राशि में हो रहा है।शुक्र आपके द्वितीय और सप्तम भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से षष्टम भाव में गोचर करेंगे। ज्योतिष में इस भाव को शत्रु भाव कहा जाता है। इस भाव से विरोधियों, रोग, पीड़ा, जॉब, कम्पीटीशन, रोग प्रतिरोधक क्षमता, शादी-विवाह में अलगाव एवं कानूनी विवादों को देखा जाता है।शुक्र कन्या राशि में नीच के माने जाते हैं इसलिये यह समय आपके लिये नकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। विशेषकर सेहत के मामले में आपको थोड़ा अधिक सावधान रहने की आवश्यकता रहेगी। हालांकि शुक्र आपके लिये धन प्राप्ति के योग भी बना रहे हैं। 
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वृषभ
आपकी राशि से शुक्र नीच के होकर पंचम स्थान में दाखिल हो रहे हैं।शुक्र आपके प्रथम यानी लग्न और षष्टम भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर करेंगे। कुंडली में इस भाव को, संतान भाव के नाम से भी जाना जाता है। इस भाव से रोमांस, संतान, रचनात्मकता, बौद्धिक क्षमता, शिक्षा एवं नए अवसरों को देखा जाता है। संतान, शिक्षा व प्रेम संबंधों के मामले में यह समय चिंतिंत करने वाला रह सकता है। जो विवाहित जातक संतान प्राप्ति की कामना रखते हैं उन्हें हो सकता है अपेक्षित परिणाम इस समय न मिलें या अतिरिक्त प्रयास करने पड़ें। आपका स्वास्थ्य तो ठीक रहने के आसार हैं लेकिन खर्चों में बढ़ोतरी भी हो सकती है। 

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मिथुन
आपकी राशि से शुक्र नीच के होकर चौथे भाव में गोचर करेंगें। शुक्र आपके द्वादश और पंचम भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर करेंगे। कुंडली के चौथे भाव को सुख भाव कहा जाता है। इस भाव से माता, जीवन में मिलने वाले सभी प्रकार के सुख, चल-अचल संपत्ति, लोकप्रियता एवं भावनाओं को देखा जाता है।आपके लिये रोमांटिक जीवन में यह समय परेशानियां लेकर आ सकता है। इस समय आपको मानसिक तनाव से भी गुजरना पड़ सकता है। यदि मकान, वाहन या अन्य कोई बड़ी खरीददारी करने के इच्छुक हैं तो फिलहाल कोई जल्दबाजी न दिखाई न ही कोई महत्वपूर्ण निर्णय इस समय लें।
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कर्क
राशि वालों के लिये शुक्र का परिवर्तन पराक्रम स्थान में हो रहा है। शुक्र आपके एकादश और चतुर्थ भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से तृतीय भाव में प्रस्थान करेंगे। कुंडली में तीसरे घर को सहज भाव कहा जाता है। इस भाव से व्यक्ति के साहस, इच्छा शक्ति, छोटे भाई-बहनों, जिज्ञासा, जुनून, ऊर्जा, जोश और उत्साह को देखा जाता है। इस समय निकटत्तम संबंधियों के साथ वैचारिक मतभेद बढ़ सकते हैं विशेषकर छोटी बहन से दूरियां बढ़ने के आसार हैं। कर्क राशि की जातिकाओं के लिये तो यह समय विशेष रूप से नकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। जो जातक पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े हैं उन्हें इस समय परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है।
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सिंह
आपकी राशि से दूसरे भाव में शुक्र का प्रवेश हो रहा है। शुक्र आपके दशम और तृतीय भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से द्वितीय भाव में गोचर करेंगे। ज्योतिष में दूसरे भाव से व्यक्ति के परिवार, उसकी वाणी, प्रारंभिक शिक्षा एवं धन आदि का विचार किया जाता है। धन भाव में नीच शुक्र आपके लिये धन हानि के संकेत कर रहे हैं। व्यवसायी जातकों के लिये यह समय मंदी का हो सकता है। पैतृक संपत्ति को लेकर भी आपको विवाद का सामना करना पड़ सकता है। इस समय परिजनों से मतभेद बढ़ने के आसार हैं। अपनी मूल्यवान चीज़ों को अच्छे से सहेज कर रखें, खोने की संभावनाएं प्रबल हैं।
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कन्या
शुक्र का परिवर्तन आपकी ही राशि में हो रहा है। शुक्र आपके नवम और द्वितीय भाव के स्वामी होकर, आपकी ही राशि में गोचर करेंगे, यानी ये आपके प्रथम भाव अर्थात लग्न भाव में स्थित होंगे। ज्योतिष में लग्न भाव को तनु भाव कहा जाता है। इस अवधि में आपके स्वभाव में खुद को लेकर आलोचनात्मकता की वृद्धि होगी, जिसके चलते आप शुरुआत से अपनी गतिविधियों के प्रति जरूरत से ज्यादा सतर्क दिखाई देंगे। इस समय आपके विचारों में नकारात्मकता हावी रह सकती है। बेहतर रहेगा किसी महत्वपूर्ण निर्णय को फिलहाल न लें यदि फैसला लेना ही पड़े तो अच्छे से विचार-विमर्श करने व घर के बड़े बुजूर्ग अथवा किसी अनुभवी मित्र से परामर्श लेने के पश्चात ही लें।

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तुला
नीच राशि के होकर शुक्र आपकी राशि से 12वें स्थान में आ रहे हैं। शुक्र आपके प्रथम और अष्टम भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से द्वादश भाव में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में यह भाव, व्यय भाव कहलाता है और इस भाव से खर्चे, हानि, मोक्ष, विदेश यात्रा, आदि को देखा जाता है। इस समय आपके जह़न में नये-नये विचार उत्पन्न हो सकते हैं। रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिये यह समय काफी अच्छा कहा जा सकता है लेकिन साथ ही आपको सतर्क भी रहने की आवश्यकता होगी कहीं ऐसा न हो कि आपका ही कोई अपना, कोई मित्र आपके साथ दगाबाजी करे। व्यावसायिक रूप से अपने रचनात्मक कार्य को सुरक्षित रखने का प्रयास करें।

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वृश्चिक
आपकी राशि से शुक्र का परिवर्तन लाभ स्थान में हो रहा है। शुक्र आपके द्वादश और सप्तम भाव के स्वामी होकर आपकी राशि से एकादश भाव में स्थित होंगे। कुंडली में एकादश भाव को आमदनी का भाव कहा जाता है। इस भाव से आय, जीवन में प्राप्त होने वाली सभी प्रकार की उपलब्धियाँ, मित्र, बड़े भाई-बहन आदि को देखा जाता है। लाभ स्थान में नीच शुक्र धन लाभ मिलने का ईशारा तो कर रहे हैं लेकिन इसके भी प्रबल संकेत हैं कि आप मौजमस्ती में धन खर्च कर सकते हैं । इस समय कामकाज में हो सकता है आप एकाग्रता से कार्य न कर पायें। व्यावसायिक रूप से आपको यात्राएं भी करनी पड़ सकती हैं।

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धनु
आपकी राशि के लिए शुभ फलदायी रहने वाला है। शुक्र आपके एकादश और षष्टम भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से दशम भाव में गोचर करेंगे। ज्योतिष में दशम भाव करियर एवं प्रोफेशन, पिता की स्थिति, रुतबा, राजनीति एवं जीवन के लक्ष्यों की व्याख्या करता है। इसे कर्म भाव भी कहा जाता है। इस दौरान कार्यक्षेत्र में आप नई ऊंचाइयों पर जाएंगे, जिससे आपकी आमदनी में इजाफा होगा। व्यापार से जुड़े जातकों के लिए समय अनुकूल रहने वाला है। साथ ही सुख-सुविधाओं में भी बढ़ोतरी होगी और शुभ फलों की प्राप्ति होगी। गोचर काल में मित्रों या परिजनों के साथ किसी यात्रा पर जाने का प्लान बना सकते हैं।

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मकर राशि
शुक्र आपके दशम और पंचम भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से नवम भाव में गोचर करेंगे। ज्योतिष में नवम भाव को भाग्य भाव कहते हैं। इस भाव से व्यक्ति के भाग्य, गुरु, धर्म, यात्रा, तीर्थ स्थल, सिद्धांतों का विचार किया जाता है।इस गोचर के दौरान कुछ छात्रों को शिक्षा के प्रति, अपना ध्यान केंद्रित रखने में परेशानी आएगी। खासतौर से यदि आप उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं तो, यह समय आपके आत्मविश्वास और एकाग्रता में कमी लाएगा। कार्य व्यवसाय में अपने वरिष्ठ अधिकारी के साथ किसी ग़लतफहमी को लेकर विवाद संभव है। जिससे कार्यक्षेत्र पर आपका अपने कार्यों में मन नहीं लगेगा। कुछ जातकों को कार्य से संबंधित यात्रा पर जाना पड़ेगा, हालांकि यह यात्रा आपके लिए खासा फलदायी सिद्ध नहीं होगी और इसका नकारात्मक असर आपके व्यवसाय पर पड़ेगा। इसलिए इस समय आपको सही मार्गदर्शन और मन की शांति के लिए अपने बड़ों, गुरुओं और किसी विशेषज्ञ से भी, विचार-विमर्श करना चाहिए।

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कुंभ राशि
शुक्र आपके नवम और चतुर्थ भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से अष्टम भाव में स्थित होंगे। वैदिक ज्योतिष में कुंडली के अष्टम भाव को आयुर्भाव कहा जाता है और इस भाव से जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव, अचानक से होने वाली घटनाएँ, आयु, रहस्य, शोध आदि को देखा जाता है। कुंभ राशि के जातकों के लिए शुक्र का गोचर धन लाभ के संयोग बना रहा है। इस काल में धन निवेश या  व्यापार में  आर्थिक लाभ के संयोग बन रहे हैं। परिवार का भी सहयोग मिलेगा, लेकिन इस राशि के जातकों को भी स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।
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मीन
शुक्र आपके अष्टम और तृतीय भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से सप्तम भाव में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में कुंडली के सातवें भाव से व्यक्ति के वैवाहिक जीवन, जीवनसाथी एवं जीवन के अन्य क्षेत्रों में बनने वाले साझेदारों का विचार किया जाता है। इस समय आपकी दिनचर्या काफी हद तक अपने साथी के कारण बाधित हो सकती है, जिससे आप दोनों के संबंधों में तनाव की स्थिति बनी रहेगी। साथ ही इससे आपके मानसिक तनाव में भी वृद्धि होगी, ऐसे में जितना संभव हो खुद को शांत रखें, इसके लिए आप अपनी जीवनशैली में योग और ध्यान को भी अपना सकते हैं। भाई-बहनों के साथ आपके रिश्ते पर गोचर का प्रभाव सामान्य रहेगा, नौकरीपेशा जातकों के लिए भी गोचर कम बेहतर रहेगा। क्योंकि आप अपने काम पर अपना ध्यान केंद्रित रखने में असमर्थ होंगे। हालांकि बावजूद सभी परेशानियों के आपके प्रयासों में कमी नहीं आएगी और आप पूरी ऊर्जा के साथ, हर समस्या को हल करने की कोशिश करते दिखाई देंगे |
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