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Vastu tips: इस दिशा में मंदिर बनाना होता है बहुत अशुभ, लगी रहती हैं परेशानियां

Tue, 20 Apr 2021 10:30 AM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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puja ghar
वास्तु में कहा जाता है कि कि घर में प्रतिदिन पूजा-पाठ करने धूप दीप जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है इसलिए रोज सुबह प्रतिदिन पूजा-पाठ करना चाहिए। धर्म शास्त्रों में भी सुबह और शाम के समय ईश्वर वंदना को आवश्यक बताया गया है। कभी कभी नियमित तौर पर पूजा करने के बाद भी जीवन में परेशानियां या तनाव बना रहता है लेकिन क्या आपको पता है कि ऐसा क्यों होता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार इसकी वजह आपके घर के मंदिर की गलत दिशा भी हो सकती है। यदि घर का मंदिर गलत दिशा में बना हो तो पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है और जीवन में कई परेशानियां भी आने लगती हैं तो चलिए जानते हैं कौन सी दिशा में मंदिर बनाने से जीवन में आती है तमाम परेशानियां और कौन सी दिशा का मंदिर होता है शुभ।
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आग्नेय कोण में नहीं होना चाहिए पूजा स्थान
वास्तुशास्त्र के अनुसार घर का मंदिर कभी भी आग्नेय कोण यानि दक्षिण-पूर्व के मध्य स्थान में नहीं बनाया जाना चाहिए। इस कोण में मंदिर बनाना अशुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार आग्नेय कोण में रसोई का स्थान बनाना शुभ रहता है। यदि आग्नेय कोण में घर का पूजन स्थान बना हो तो घर के मुखिया को हृदय रोग और रक्त से संबंधी समस्याएं होने लगती हैं।
 
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वास्तुशास्त्र के अनुसार घर का पूजा स्थान कभी भी वायव्य कोण यानि पश्चिम और उत्तर के बीच में नहीं होना चाहिए। इस दिशा में घर का पूजा स्थान होने से पेट संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है इसके अलावा घर के धर्म का पालन नहीं करते। घर में कलह मन मुटाव बना रहता है परिवार के सदस्यों की वाणी में कठोरता आती है।
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इस दिशा में मंदिर बनाने से होती है शुभ फल की प्राप्ति
वास्तुशास्त्र के अनुसार घर का पूजा स्थान ईशान कोण यानि उत्तर और पूर्व के मध्य स्थान में बनाना चाहिए। इस दिशा में बना हुआ मंदिर अत्यंत शुभ फल देने वाला होता है। वास्तु के अनुसार इस दिशा में मंदिर होने से पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है आपके घर का वातावरण भी सकारात्मक रहता है परिवार के सदस्यों की तरक्की होती है और आपसी प्रेम एवं सद्भाव बना रहता है। मान्यता है कि इस दिशा में मंदिर हो तो घर के मुखिया के छोटे भाई-बहन, बेटा या बेटी कई विषयों की विद्वान होते हैं। 
 
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