puja ghar
इस दिशा में मंदिर बनाने से होती है शुभ फल की प्राप्ति
वास्तुशास्त्र के अनुसार घर का पूजा स्थान ईशान कोण यानि उत्तर और पूर्व के मध्य स्थान में बनाना चाहिए। इस दिशा में बना हुआ मंदिर अत्यंत शुभ फल देने वाला होता है। वास्तु के अनुसार इस दिशा में मंदिर होने से पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है आपके घर का वातावरण भी सकारात्मक रहता है परिवार के सदस्यों की तरक्की होती है और आपसी प्रेम एवं सद्भाव बना रहता है। मान्यता है कि इस दिशा में मंदिर हो तो घर के मुखिया के छोटे भाई-बहन, बेटा या बेटी कई विषयों की विद्वान होते हैं।