सनातन धर्म में सरस्वती पूजा का विशेष महत्व है। देवी सरस्वती को विद्या की देवी माना जाता है। ज्ञान, वाणी, बुद्धि, विवेक, विद्या और सभी कलाओं से परिपूर्ण मां सरस्वती की इस दिन पूजा अर्चना की जाती है। वसंत पंचमी का दिन शिक्षा प्रारंभ करने, नई विधा, कला, संगीत आदि सीखने के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। छोटे बच्चों को इस दिन अक्षर ज्ञान कराया जाता है। गांवों में तो आज भी इस दिन बच्चों का पट्टी और कलम पूजन कराया जाता है। मान्यता है कि इस दिन छोटे बच्चों की शिक्षा का आरंभ करने के लिए पुस्तक पूजन करना अति शुभ रहता है। ऐसा करने से पूरे विद्यार्थी जीवन में माँ सरस्वती की कृपा बनी रहती है,शिक्षा में आशातीत सफलता प्राप्त होती है। वसंत पंचमी के दिन बच्चों के अध्ययन कक्ष में कुछ वास्तु के अनुसार परिवर्तन कर एवं माँ सरस्वती की उपासना करने से विद्यार्थियों को शिक्षा में लाभ प्राप्त होता है।