आमतौर पर लोग घरों में सुख-शान्ति और समृद्धि के पाने के लिए देवी- देवताओं की अनेक मूर्तियां और तस्वीरें लगाते हैं। दरअसल देवी देवताओं की मूर्तियां घर में किस रूप में है और कहां पर लगानी चाहिए इस बात का असर घर की सुख-समृद्धि पर होता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में मूर्तियों को रखने के कुछ नियम बताए गए हैं, अगर हम इसका पालन करते हैं तो जीवन में हमेशा सुखी रहेंगे।
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वास्तु विज्ञान के अनुसार घर में देवी देवताओं की खड़ी प्रतिमा की बजाय आसान पर विराजमान मूर्तियां अधिक शुभ और लाभ प्रदान करने वाली होती है।
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पूजा पाठ के दौरान सबसे पहले देवी-देवताओं को आवाहन करके उन्हें आसान दिया जाता है और पूजा स्थान पर विराजमान किया जाता है। इसका उद्देश्य यह होता है कि देवी-देवता घर में वास करें। खड़े देवी-देवता इस बात का संकेत कि वह विराजमान नहीं है वह विदा हो रहे हैं इसलिए खड़े देवी-देवताओं की जगह बैठे देवी-देवताओं को शुभ माना जाता है।
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वास्तु विज्ञान के अनुसार घर में देवी लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश और कुबेर की मूर्ति कभी खड़ी नहीं होनी चाहिए। इनका बैठा होना हमेशा शुभ और लाभदायक होता है।
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