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ज्योतिष और जॉब: ग्रह करवाते हैं नौकरी में तबादला, प्रोफेशनल लाइफ पर पड़ता है सीधा असर

Mon, 25 May 2020 11:43 AM IST
रुस्तम राणा आचार्य प्रवीन चौहान, ज्योतिषाचार्य
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ज्योतिष का व्यापक अध्ययन पेशेवर जीवन के बारे में सटीक जानकारी देता है। - फोटो : Pixabay

नौकरी में तबादला एक सामान्य प्रक्रिया है। कुछ वर्ष एक ही स्थान पर कार्यरत् रहने के उपरांत नियुुुक्त व्यक्ति का स्थानांतरण होना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। कई बार यह तबादला अपनी इच्छा के अनुरूप होता है तो कई बार लोगों को अपना घर-परिवार छोड़कर अनिच्छा से नए स्थान पर जाकर योगदान देना पड़ता है। ये तबादला पदोन्नति और कुछ आर्थिक लाभ के साथ भी हो सकता है अथवा समान पद पर रहते हुए बिना आर्थिक लाभ के भी स्थानांतरण हो सकता है।

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करियर और पेशेवर जीवन पर ग्रहों का सीधा प्रभाव होता है। - फोटो : सोशल मीडिया
प्रायः सरकारी कर्मचारी ज्योतिषियों से पूछते रहते हैं कि हमारी बदली कब होगी? अनुकूल बदली होगी या प्रतिकूल? ज्योतिष शास्त्र से किसी भी व्यक्ति के जन्म का समय, स्थान, दिन आदि से उसके भविष्य, व्यक्तित्व, कार्यक्षेत्र आदि के बारे में काफी कुछ अंदाजा लगाया जा सकता है। 
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कुंडली के दशम भाव को नौकरी और करियर का कारक भाव माना जाता है। - फोटो : फाइल फोटो
वैदिक ज्योतिष मेंं किसी भी ज्योतिषी गणना के लिए कुछ सामान्य मापदंड होते हैं, विषय से संबंधित भाव व सहायक भाव, विषय से संबंधित कारक ग्रह, दशा-महादशा/ अंतर्दशा/ प्रत्यंतर दशा व गोचर का अध्ययन करना।

जन्म कुण्डली के बाहरवें भाव में से तबादलेे का संबंध मुख्य रूप से चतुर्थ भाव से है, जन्म कुण्डली के चतुर्थ भाव के स्वामी या चतुर्थ भाव से संबंधित ग्रहों की दशाओं व अंतर्दशाओं में तबादले के योग बनते हैं। 

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सहायक भाव में तीसरा, छठा, दसवां व बाहरवांं भूमिका निभाते हैं - फोटो : फाइल फोटो
जन्मकुंडली मेंं चतुर्थ भाव या चतुर्थ भाव से संबंधित ग्रह शुभ होंं या तो उचित स्थान पर हों तो स्थानांतरण इच्छा के अनुरूप होता है और अशुभ ग्रह होने पर प्रतिकूल स्थान पर या अनिच्छा से स्थानांतरण होता है।

सहायक भाव की बात करें तो तीसरा, छठा, दसवां व बारहवां भूमिका निभाते हैं तथा इनके स्वामियों के बीच में अगर किसी भी तरह से योग बनता है तब ट्रांसफर के योग बनते हैं।

स्थानांतरण के साथ यदि पदोन्नति का विश्लेषण करना हो तो जन्मकुंडली के सातवें भाव को देखा जाता है साथ ही आर्थिक लाभ के लिए कुंडली के दूसरे व ग्यारहवें भाव का भी अध्ययन किया जाता है। 
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सूर्य ग्रहों का राजा हैैै। दशम भाव में इसकी उपस्थिति प्रभावी मानी गई है। - फोटो : सोशल मीडिया
कारक ग्रहों की बात करें तो सूर्य सभी ग्रहों में श्रेष्ठ, मुख्य व राजा है इसलिए जब यह नौकरी को दर्शाता है तो वह नौकरी में ऊंंचें दर्जे की व्यापक, सरकारी व अर्द्ध सरकारी, प्रशासनिक व अच्छी पूंजी वाली होती है।

जातक की नौकरी का निर्णय उसकी कुंडली के ग्रहों की प्रवृत्ति, बल आदि पर निर्भर करता है। इसी कारण सूर्य के साथ ही जिस नौकरी के स्थानांतरण का विश्लेषण करना है वह किस ग्रह से संबंधित है यह भी अध्ययन किया जाता है। 
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लग्नेश की दशमेश की तथा उच्च के ग्रह की महादशा/अंतर्दशा चल रही हो तो भी ट्रांसफर ज्यादा होते हैं। - फोटो : pixabay
लग्नेश की दशमेश की तथा उच्च के ग्रह की महादशा/अंतर्दशा चल रही हो तो ऐसी स्थिति में स्थानांतरण होने की संभावना अधिक होती है, साथ ही दसवें और बारहवें भाव या उनके स्वामियों की महादशा/अंतर्दशा मे ट्रांसफर जन्म स्थान से बहुत दूर व विदेश मे भी हो जाता है। 
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करियर में उतार-चढ़ाव के लिए ग्रहों की अंतर्दशा जिम्मेेेेेदार होती है। - फोटो : सोशल मीडिया
गोचर में सूर्य व मंगल भी तबादले के योग बनाते हैं। यदि मंगल में सूर्य जन्म कुंडली के दशम भाव अथवा प्रथम भाव पर गोचर से परिभ्रमण करते हैं तब तबादले के योग बनते हैं। कुंडली के चतुर्थ भाव व सप्तम भाव पर भी मंगल व सूर्य का भ्रमण तबादले के योग बनाते हैं।
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नौकरी में बार-बार ट्रांसफर कई बार समस्या भी बन जाता है। - फोटो : सोशल मीडिया
ज्योतिष मे स्थानांतरण का विश्लेषण जन्मकुंडली के आधार पर करने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखा जाता है। स्थानांतरण इच्छा के अनुरूप होगा या नहींं ऐसे मेंं जो शुभ ग्रह कमजोर हैं उन्हें बलवान करने के उपाय और अशुभ ग्रहों को शांत करके इन समस्याओं का अंत किया जा सकता है। 
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