कुंडली के दशम भाव को नौकरी और करियर का कारक भाव माना जाता है।
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वैदिक ज्योतिष मेंं किसी भी ज्योतिषी गणना के लिए कुछ सामान्य मापदंड होते हैं, विषय से संबंधित भाव व सहायक भाव, विषय से संबंधित कारक ग्रह, दशा-महादशा/ अंतर्दशा/ प्रत्यंतर दशा व गोचर का अध्ययन करना।
जन्म कुण्डली के बाहरवें भाव में से तबादलेे का संबंध मुख्य रूप से चतुर्थ भाव से है, जन्म कुण्डली के चतुर्थ भाव के स्वामी या चतुर्थ भाव से संबंधित ग्रहों की दशाओं व अंतर्दशाओं में तबादले के योग बनते हैं।