21 नवंबर को शुक्र ग्रह धनु राशि में प्रवेश कर रहा है। शुक्र के इस गोचर का प्रभाव हम सभी पर पड़ेगा। ये प्रभाव शुभाशुभ दोनों हो सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को सौंदर्य, ऐश्वर्य, वैभव, कला, संगीत और काम वासना का कारक माना जाता है। शुक्र ग्रह वृषभ और तुला का मालिक है। मीन राशि में यह उच्च और कन्या राशि में नीच अवस्था में होता है। जिन जातकों की कुंडली में शुक्र ग्रह प्रबल होता है, उनके व्यक्तित्व को शुक्र आकर्षक बनाता है।
प्रबल शुक्र के जातक धन और वैभव संपन्न होते हैं। उनका जीवन ऐश्वर्यशाली होता है। अगर जातक कला क्षेत्र से जुड़ा होता है तो वह उस क्षेत्र में सफलता के नए आयाम छूता है। इसके विपरीत यदि कुंडली में शुक्र ग्रह अशुभ होता है तो उससे जातकों को कई तरह की परेशानियां होती हैं। शुक्र के अशुभ प्रभाव के कारण जातक का जीवन दरिद्रमय हो जाता है। उसे सभी प्रकार के सांसारिक सुख प्राप्त नहीं हो पाते हैं।