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Shani Margi 2020: शनि मार्गी आज, इनकी टेढ़ी नजर से बचने के लिए जरूर करें ये उपाय

Mon, 28 Sep 2020 12:04 PM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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शनि मार्गी 2020 - फोटो : अमर उजाला
न्याय के देवता शनि महाराज 29 सितंबर की सुबह 10 बजकर 28 मिनट पर मार्गी हो रहे हैं। इससे पहले ये इसी वर्ष 11 मई को वक्री हुए थे। मकर तथा कुंभ राशि के स्वामी शनि मेष राशि में नीचराशिगत और तुला राशि में उच्चराशिगत संज्ञक माने गए हैं। इनके वक्री और मार्गी होने का प्रभाव जनमानस पर प्रत्यक्ष रूप से पड़ता है।
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ज्योतष में शनि देव - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिष में शनिदेव को एक क्रूर ग्रह माना गया है। किसी व्यक्ति के ऊपर शनि की टेढ़ी नजर पड़ जाए तो उस व्यक्ति के जीवन में समस्याओं का भंडार लग जाता है। शनि देव की चाल धीमी है इसलिए जातकों के जीवन पर लंबे समय तक इनका प्रभाव रहता है। जन्म कुंडली में शनि का स्थान यह बताता है कि इनके प्रभाव जातक के ऊपर शुभ पड़ेंगे या अशुभ। क्योंकि अगर कुंडली शनि का स्थान शुभ नहीं होता है तो यह जातक की कुंडली में शनि दोषों का निर्माण करता है जो व्यक्ति के लिए समस्याकारक होता है। 
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शनि देव का अशुभ प्रभाव - फोटो : सोशल मीडिया
शनिदेव की राहु और मंगल के साथ युति अशुभ होती है। इनक साथ शनि के होने से कुंडली में दुर्घटना होने के प्रचंड दुर्योग बनते हैं। ऐसी स्थिति में जातक को संभल कर वाहन चलाना चाहिए और यात्रा करते समय भी सावधानी बरतनी चाहिए। शनि का सूर्य के साथ संबंध होने से कुंडली में दोष पैदा होता है। इस दोष के कारण पिता-पुत्रों के संबंध खराब रहते हैं। 

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शनि और सूर्य देव की युति - फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल शनि देव सूर्य देव के पुत्र हैं और दोनों के बीच शत्रुता का भाव है। शनि का वृश्चिक राशि या चंद्रमा से संबंध होने पर कुंडली में विष योग का निर्माण होता है। इस दोष के कारण व्यक्ति अपने कार्यक्षेत्र में असफल होता है। शनि अगर अपनी नीच राशि मेष में हो तो भी जातक को इसके नकारात्मक फल प्राप्त होते हैं।
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शनि ग्रह के उपाय - फोटो : Pixabay
शनिवार के दिन करें शनि दोषों से बचने के उपाय
  • प्रत्येक शनिवार को शनि देव का उपवास रखें।
  • शाम को पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
  • शनि के बीज मंत्र ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः, का १०८ बार जाप करें।
  • काले या नीले रंग के वस्त्र धारण करें।
  • भिखारियों को अन्न-वस्त्र दान करें।
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