ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को बहुत ही मारक ग्रह माना गया है। यह जातकों को उसके कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं यानी जो अच्छे कर्म करता है उसे शुभ फल और जो बुरे कर्म करता है उसे अशुभ फल प्रदान करते हैं। इसी कारण से शनिदेव को न्याय का देवता और दण्डाधिकारी कहा गया है। शनि ग्रह सभी ग्रहों में सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं। यह किसी एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए ढाई वर्ष का समय लेते हैं। जिस कारण से यह कई राशियों पर लंबे समय तक अपना शुभ या अशुभ प्रभाव रखते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि एक साथ 5 राशियों पर अपना प्रभाव डालते हैं। शनिदेव जिस समय किसी एक राशि में रहते हैं उस दौरान तीन राशियों पर साढ़ेसाती और 2 पर शनि की ढैय्या चलती है। वर्तमान समय में शनि मकर राशि में विराजमान हैं ऐसे में धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती और मिथुन व तुला राशियों पर ढैय्या लगी हुई है। आइए जानते हैं इन राशियों को कब मिलेगी राहत...