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Shani 2021: जानिए मिथुन और तुला राशि वालों को शनि की ढैय्या से कब मिलेगी मुक्ति

Thu, 08 Jul 2021 11:25 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शनिदेव को न्याय का देवता और दण्डाधिकारी कहा गया है। शनि ग्रह सभी ग्रहों में सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं। - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को बहुत ही मारक ग्रह माना गया है। यह जातकों को उसके कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं यानी जो अच्छे कर्म करता है उसे शुभ फल और जो बुरे कर्म करता है उसे अशुभ फल प्रदान करते हैं। इसी कारण से शनिदेव को न्याय का देवता और दण्डाधिकारी कहा गया है। शनि ग्रह सभी ग्रहों में सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं। यह किसी एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए ढाई वर्ष का समय लेते हैं। जिस कारण से यह कई राशियों पर लंबे समय तक अपना शुभ या अशुभ प्रभाव रखते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि एक साथ 5 राशियों पर अपना प्रभाव डालते हैं। शनिदेव जिस समय किसी एक राशि में रहते हैं उस दौरान तीन राशियों पर साढ़ेसाती और 2 पर शनि की ढैय्या चलती है। वर्तमान समय में शनि मकर राशि में विराजमान हैं ऐसे में धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती और मिथुन व तुला राशियों पर ढैय्या लगी हुई है। आइए जानते हैं इन राशियों को कब मिलेगी राहत...
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मिथुन राशि
मिथुन राशि पर शनि की ढैय्या 24 जनवरी 2020 से लगी है अब इन्हें इससे मुक्ति 29 अप्रैल 2022 को मिलेगी जब शनि का राशि परिवर्तन होगा। 29 अप्रैल 2020 को शनि कुंभ राशि में आ जाएंगे जिस कारण से मिथुन राशि से ढैय्या हट जाएगी। लेकिन यह पूरी तरह से नहीं हटेगी क्योंकि 12 जुलाई 2022 को शनिदेव वक्री चाल से चलते हुए एक बार फिर से मकर राशि में आ जाएंगे। शनि के दोबारा से मकर राशि में आने से मिथुन राशि पर शनि की ढैय्या फिर से लग जाएगी। 17 जनवरी  2023 से शनि के मार्गी होने पर मिथुन राशि से पूरी तरह ढैय्या का प्रभाव खत्म हो जाएगा।
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तुला राशि
तुला राशि पर शनि की ढैय्या 24 जनवरी 2020 से चल रही है। जब शनिदेव 29 अप्रैल 2022 को कुंभ राशि में आएंगे तब तुला राशि से शनि की ढैय्या समाप्ति हो जाएगी। लेकिन कुछ समय के लिए शनि के मकर राशि में वक्री होने पर तुला राशि पर दोबारा ढैय्या लग जाएगी। 17 जनवरी 2023 को पूरी तरह से तुला राशि से शनि की ढैय्या समाप्त हो जाएगी।



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राशि
तीन राशि पर है शनि की साढ़ेसाती
धनु राशि

24 जनवरी 2020 से शनिदेव मकर राशि में विराजमान हैं। ऐसे में धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। धनु राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का आखिरी चरण चल रहा है। शनि की साढ़ेसाती किसी राशि पर तीन चरणों में आती है। पूरी तरह से साल 2023 में धनु राशि पर से शनि साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी।
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मकर राशि
मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। 2025 में मकर राशि से शनि की साढ़ेसाती खत्म होगी। शनि जब मीन राशि में गोचर करेंगे तब मकर राशि के जातकों को शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव से मुक्ति मिलेगी।  
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राशि
कुंभ राशि 
शनि के मकर राशि में गोचर करने के कारण कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। कुंभ राशि पर साढ़ेसाती होने की वजह से कई तरह की परेशानियां पीछा करती हैं। कुंभ राशि से पूरी तरह शनि की साढ़ेसाती 23 जनवरी 2028 को हटेगी।
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