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ये पांच रत्न हैं बेहद शक्तिशाली, जानिए किसकों धारण करने से क्या होता है लाभ

Fri, 19 Mar 2021 06:28 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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राशि रत्न - फोटो : social media
ज्योतिष में नवग्रहों के बारे में बताया गया है। प्रत्येक ग्रह का अपना एक अलग रत्न माना गया है। इन रत्नों की विशेष क्षमताएं और खासियत होती हैं, जो इन्हें साधारण पत्थर से रत्न बनाती हैं। जब कोई ग्रह अशुभ स्थिति में होता है तो उसे अनुकूल बनाने और समस्याओं से मुक्ति प्राप्त करने के लिए रत्न धारण किए जाते हैं, परंतु हर रत्न को हर व्यक्ति धारण नहीं कर सकता है। प्रत्येक रत्न का प्रभाव अलग-अलग होता है, इसलिए इन्हें धारण करने से पहले उचित ज्योतिषीय सलाह लेना बहुत आवश्यक होता है। वैसे तो रत्न कई तरह के होते हैं लेकिन ज्योतिष में पांच रत्नों को बेहद शक्तशाली बताया गया है। ये पांचो रत्न बहुत जल्दी अपना प्रभाव दिखाते हैं। तो चलिए जानते हैं कि कौन से हैं ये पांच रत्न और इन्हें धारण करने के क्या फायदे हैं।  
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माणिक्य
माणिक्य 
ज्योतिष के अनुसार माणिक्य रत्न का संबंध ग्रहों के राजा सूर्य सूर्य से हैं। सूर्य को मान-सम्मान और पिता-पुत्र के संबंधों का कारक माना गया है। ज्योतिष के अनुसार माणिक्य धारण करने से व्यक्ति को राजकीय और प्रशासनिक क्षेत्रों में सफलता प्राप्त होती है। माना जाता है कि जब यदि किसी व्यक्ति ने माणिक्य धारण किया हो तो संकट आने पर इस रत्न का रंग फीका होने लगता है और यह संकट से पहले ही उसके आने के संकेत दे देता है। मेष, वृश्चिक, धनु और कर्क राशि वाले जातकों के लिए माणिक्य धारण करना शुभफलदायी रहता है, परंतु यदि की जातक की कुंडली में सूर्य तीसरे, छठे, आठवें या 12 वें घर में बैठा हो उसको माणिक्य रत्न नहीं पहनना चाहिए।
 
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panna stone - फोटो : amarujala
पन्ना
पन्ना रत्न हरे रंग का होता है। इस रत्न का संबंध बुद्धि और वाकपटुता के कारण बुध ग्रह से होता है। यदि किसी की कुंडली के सांतवे स्थान में बुध कमजोर हो तो उनके लिए पन्ना धारण करना सही रहता है। इससे वैवाहिक जीवन की समस्याएं दूर होती हैं। तो वहीं कुंडली में बुध नवम भाव यानि भाग्य स्थान में हो तो पन्ना धारण करने से धन लाभ होता है। पन्ना रत्न  शिक्षा, कला, लेखन, व्यापार से जुड़े लोगों के लिए बहुत लाभकारी माना गया है। मिथुन और कन्या वालों के लिए पन्ना धारण करना चाहिए।  

 

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पुखराज
पुखराज 
यह रत्न गुरु ग्रह का माना गया है। यदि किसी जातक की में गुरु की स्थिति कमजोर हो या गुरु वक्री होने के कारण समस्याएं आ रही हो या फिर गुरु कुंडली में नवम भाव में, प्रथम भाव में बैठे हो तो उन लोगों के लिए पुखराज धारण करना शुभ फलदायी रहता है। मीन और धनु राशि वालों के लिए पुखराज धारण करना चाहिए, क्योंकि इनकी राशि के स्वामी ग्रह बृहस्पति हैं। पुखराज धारण करने से व्यक्ति के जीवन में विवाह और धन से जुड़ी समस्याओं का समाधान होता है।
 
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हीरा
हीरा 
हीरा रत्न बहुत ही कीमती होने के साथ ही बेहद प्रभावशाली भी होता है। हीरा रत्न प्रेम और भौतिक सुख सुविधाओं को प्रदान करने वाले ग्रह शुक्र से संबंधित होता है। इस रत्न को धारण करने से व्यक्ति के भौतिक सुखों में वृद्धि होती है। यह जातक जीवन में प्रेम और आनंद को बढ़ाता है।   तुला, वृष, मिथुन, और मकर राशि वालों के लिए हीरा धारण करना बहुत लाभकारी रहता है। 
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नीलम
नीलम
इस रत्न का संबंध शनि ग्रह से हैं। शनि ग्रह व्यक्ति के कर्मों के अनुसार उसके भाग्य को प्रभावित करता है। नीलम जैसा कि इसका नाम है यह नीले रंग का चमकीला रत्न होता है। ज्योतिष में नीलम को बहुत ही शक्तशाली रत्न माना गया है। शनि का रत्न होने के कारण यह रत्न बहुत जी जल्दी अपना प्रभाव दिखाता है। यदि किसी व्यक्ति के कर्म स्थान यानि दसवें भान में उच्च के, यानि अपनी राशि मकर या कुंभ में बैठे हो या कुंडली के नवम भाव जिसे भाग्य स्थान कहा जाता है, वहां शनि विराजमान हो तो ऐसे लोगों को नीलम धारण करना बहुत ही शुभ रहता है। नीलम को कुंभ और मकर राशि के लोग धारण कर सकते हैं। नीलम धारण करने से मेहनत का फल अतिशीघ्र प्राप्त होता है। 
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