Shukra Gochar: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों का मनुष्य के जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नौ ग्रह हैं जिनमें से राहु-केतु के अतिरिक्त सभी ग्रहों को राशियों का आधिपत्य प्राप्त है। जैसा कि सब जानते हैं कि इन्हीं ग्रहों के नाम पर सप्ताह के वार के नाम भी रखे गए हैं। सभी ग्रह अलग-अलग फल प्रदान करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को प्रेम और भौतिक सुखों व धन वैभव का ग्रह माना गया है। यदि शुक्र ग्रह की स्थिति प्रतिकूल हो तो इससे भौतिक सुखों में आने लगती है, व्यक्ति को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। ये वृषभ और तुला राशि का स्वामी ग्रह है। कुंडली में शुक्र की स्थिति ही तय करती है कि बिजनेस में आपको सफलता मिलेगी या नहीं। मीन इस ग्रह की उच्च राशि है तो कन्या नीच राशि है। नववर्ष से 2 दिन पूर्व यानि 30 दिसंबर 2021 को शुक्र वक्री अवस्था में धनु राशि में प्रवेश करेंगे और 27 फरवरी 2022 तक इसी राशि में रहेंगे। यानी करीब दो माह तक शुक्र धनु राशि में ही वक्री अवस्था में रहेंगे। आइए जानते हैं कि शुक्र की वक्री चाल किन चार राशियों को दिलाएगी कार्यक्षेत्र में तरक्की।