फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धार्मिक ही नहीं वैज्ञानिक दृष्टि से भी अद्भुत है रूद्राक्ष, बढ़ती है स्मरण शक्ति, हृदय रोग में भी फायदेमंद

Mon, 01 Mar 2021 01:40 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
रुद्राक्ष माला
रूद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के अश्रुओं से मानी जाती है। रुद्राक्ष दो शब्दों से मिलकर बना है, रूद्र+अक्ष, जिसमें रूद्र अर्थात भगवान शंकर और अक्ष यानी अश्रु। धर्म शास्त्रों में मिलने वाली पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव के आंसू जिन-जिन स्थानों पर गिरे वहां पर रूद्राक्ष के वृक्षों की उत्पत्ति हुई। रूद्राक्ष के वृक्ष में सर्वत्र मूल, त्वचा, शाखा, पत्ता, फल और फूल सभी में रूद्र अर्थात भगवान शिव का वास होता है। प्राचीन समय से ही ऋषि-मुनियों के द्वारा रूद्राक्ष की माला से जाप और धारण किया जाता है। रूद्राक्ष के धार्मिक महत्व के बारे में तो सभी जानते हैं। रूद्राक्ष को धारण करने से व्यक्ति के सभी दुखों का अंत होता है और भगवान शिव की कृपा से जातक की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। ज्योतिष के अनुसार ग्रहों को नियंत्रित करने के लिए भी रूद्राक्ष की माला से जाप करना सबसे उत्तम माना जाता है। धार्मिक ज्योतिष महत्व होने के साथ ही स्वास्थ्य से भी गहरा संबंध है। तो चलिए जानते हैं कि रूद्राक्ष किस तरह से आपको लाभ पहुंचाता है।
विज्ञापन

2 of 4
रूद्राक्ष माला धारण करने के वैज्ञानिक लाभ (प्रतीकात्मक तस्वीर)
रूद्राक्ष धारण करने के वैज्ञानिक फायदे
वैज्ञानिक मतानुसार रूद्राक्ष में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक गुण होते हैं, जिसके कारण इसमें अद्भुत शक्ति होती है। इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी फ्लोरिडा के वैज्ञानिक डॉक्टर डेविड ली ने अनुसंधान के अनुसार रूद्राक्ष विद्युत ऊर्जा के आवेश को संचित करता है। इसी कारण इसमें चुंबकीय गुण विकसित होते हैं। यह आवेश मनुष्य के मस्तिष्क में कुछ रसायनों को प्रोत्साहित करते हैं। इस तरह से रूद्राक्ष के द्वारा चिकित्सकीय उपचार होता है। शरीर पर धारण करने पर जब रूद्राक्ष व्यक्ति के शरीर से स्पर्श होता है तो वयक्ति को स्वयं ही अच्छी अनुभूति होने लगती है।
विज्ञापन

3 of 4
रुद्राक्ष माला
स्मरण शक्ति और बौद्धिक क्षमता को बढ़ाता है रूद्राक्ष
रूद्राक्ष धारण करना व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता और स्मरण शक्ति को बेहतर बनाने में भी कारगर माना जाता है। रूद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति को चिंता और तनाव से संबंधी समस्याओं से राहत मिलती है। उसे मानसिक शांति की अनुभूति होती है जिससे व्यक्ति की ऊर्जा और उत्साह में वृद्धि होती है।
विज्ञापन

4 of 4
रुद्राक्ष
रूद्राक्ष हृदय रोग में भी है फायदेमंद
यदि की को हृदय से संबंधित समस्या हो तो भी रूद्राक्ष धारण करना फायदेमंद माना जाता है। जब रूद्राक्ष को धारण किया जाता है तो इसके इलेक्ट्रोमैग्नेटिक गुणों के कारण रक्त परिसंचरण और शरीर के चारों ओर एक चुंबकीय क्षेत्र बनता है। जिससे यदि इसे हृदय पर धारण किया जाए तो यह हृदयरोग, रक्तचाप एवं कोलेस्ट्रॉल स्तर नियंत्रित करने में बहुत प्रभावशाली रहता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें