ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु एक पापी ग्रह है। इसे छाया ग्रह माना जाता है जिसका कोई अपना वास्तविक रूप नहीं है। हालांकि इस ग्रह का स्वभाव रहस्यमयी है। राहु प्रधान व्यक्ति शत्रु को भी मित्र बना लेता है। राहु व्यक्ति को साहसी बनाता है। उसे किसी चीज से डर नहीं लगता है। वर्तमान समय में यह शुक्र राशि वृष में विराजमान है और इस राशि में राहु के साथ अन्य चार ग्रह भी स्थित हैं। सूर्य, बुध, शुक्र और राहु स्थित हैं। इस राशि में राहु की स्थिति वृष राशि के अलावा अन्य पांच राशियों पर विपरीत असर डाल सकता है।