वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को बहुत ही शुभ ग्रह माना जाता है। शुक्र ग्रह प्रेम, सौंदर्य, धन, आकर्षण और भौतिक सुख-सुविधाओं आदि का कारक ग्रह माना जाता है। शुक्र के राशि परिवर्तन या फिर चाल में बदलाव का असर सभी 12 राशियों के जातकों के ऊपर देखने को मिलता है। शुक्र अभी तुला राशि में संचरण कर रहे हैं और 3 अक्तूबर को शुक्र तुला राशि में वक्री होने वाले हैं। वैदिक पंचांग के अनुसार, 3 अक्तूबर 2026 को शुक्र दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर तुला राशि में वक्री होंगे, जो लगभग 42 दिनों तक इसी अवस्था में रहेंगे, फिर 14 नवंबर 2026 को मार्गी होंगे। शुक्र का तुला राशि में उल्टी चाल से चलना कुछ राशि वालों के लिए बहुत ही अच्छा साबित हो सकता है।
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कर्क राशि
- फोटो : amar ujala
कर्क राशि में शुक्र के वक्री होने का प्रभाव
कर्क राशि वालों के लिए शुक्र का तुला राशि में वक्री होना कई क्षेत्रों के लिहाज से सकारात्मक रहेगा। आपकी राशि में शुक्र चौथे भाव में वक्री होंगे। जिससे आपकी परेशानियों में कुछ कमी आएंगी। जीवन में लंबे समय से चली आ रही बीमारियों से मुक्ति मिलेगी। समाज में मान-सम्मान में इजाफा, आय में वृद्धि और कोर्ट-कचहरी के मामलों में सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
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मिथुन राशि
- फोटो : amar ujala
मिथुन राशि पर शुक्र के वक्री होने का प्रभाव
मिथुन राशि वालों के लिए शुक्र का वक्री होना आपके लिए बहुत ही लाभकारी और शुभ साबित होगा। आपकी राशि में शुक्र पंचम भाव में वक्री होंगे जिससे आपके आत्मविश्वास, साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। आपको कई क्षेत्रों में सफलताएं हासिल हो सकती हैं। करियर-कारोबार में आपको लाभ और आय में इजाफा देखने को मिल सकता है। आपको किसी पुराने में मामलों में जीत हासिल हो सकती है। मान-सम्मान में बढ़ोतरी के योग हैं।
मकर राशि पर शुक्र के वक्री होने का प्रभाव
मकर राशि वालों के लिए शुक्र का तुला राशि में वक्री होना आपके करियर और व्यापार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। आपकी राशि से शुक्र दशम भाव में उल्टी चाल से चलेंगे जिससे आपके करियर-कारोबार में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। आमदनी के नए-नए स्त्रोतों खुल सकते हैं। नौकरीपेशा जातकों के लिए आने वाला समय अच्छा रहेगा। करियर में अगर किसी तरह की परेशानी चल रही है तो आपको इससे निजात मिल सकती है। समाज में मान-सम्मान में वृद्धि और लक्ष्यों मे सफलता हासिल हो सकती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं।