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Predictions 2023: 13 फरवरी से शत्रु शनि के साथ होगी सूर्य की युति, 12 राशियों पर क्या होगा इसका प्रभाव ?

Thu, 05 Jan 2023 11:53 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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13 फरवरी को सूर्य शनि की युति कुम्भ राशि में बनेगी। - फोटो : अमर उजाला
वैदिक ज्योतिष में सूर्य को शनि का शत्रु कहा गया है। अगर किसी की कुंडली में सूर्य-शनि की युति हो या एक दूसरे को ये ग्रह देखते हो तो जातक के जीवन में संघर्ष होता है। दरअसल सूर्य ग्रहों के राजा है और शनि की उनसे शत्रुता के कारण सूर्य अपना फल नहीं देते जिसकी वजह से जातक को मान सम्मान के लिए बहुत समय तक इंतज़ार करना पड़ जाता है। इसके अलावा यह युति पिता को कष्ट देने वाली भी कही गई है। 

गोचर में भी सूर्य शनि की युति एक बड़ी घटना होती है। जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है। 13 फरवरी को सूर्य देव कुम्भ राशि में प्रवेश करेंगे जहां पहले ही शनि विराजमान होंगे, ऐसे में सूर्य शनि की युति कुम्भ राशि में बनेगी। यह युति 14 मार्च तक प्रभावी रहेगी और उसके बाद सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। दूसरी ओर दोनों ग्रहों की सप्तम दृष्टि सिंह राशि पर होगी जिससे की राजनीति में भी बड़ा परिवर्तन दिखाई देगा। इस गोचर से सभी 12 राशियां प्रभावित होगी। आइये समझते है कि क्या प्रभाव होगा ?

वार्षिक राशिफल 2023
मेष राशिफल 2023। वृषभ राशिफल 2023 । मिथुन राशिफल 2023 । कर्क राशिफल 2023 । सिंह राशिफल 2023 । कन्या राशिफल 2023 

तुला राशिफल 2023 । वृश्चिक राशिफल 2023 । धनु राशिफल 2023 । मकर राशिफल 2023 । कुंभ राशिफल 2023 । मीन राशिफल 2023
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rashi - फोटो : अमर उजाला
मेष राशि - इस राशि के जातकों के लिए सूर्य पंचम और शनि दशम, लाभ के स्वामी होते हैं। दोनों ग्रहों की युति मेष राशि के जातकों के लिए लाभ स्थान में होगी। इस भाव से व्यक्ति की आय और उसके स्तोत्र का ज्ञान होता है। दोनों ग्रहों की संयुक्त दृष्टि आपके पंचम भाव पर होगी। इस युति के कारण मेष राशि के जातकों को राजयोग के समान फल मिलने वाले है। इस समय आपके भाई और मित्रों से आपको मदद प्राप्त होगी। सरकार के साथ काम कर रहे जातकों को इस समय जबरदस्त सफलता मिलने वाली है। इस समय आपको अपना खुद का काम शुरू करने के मौके मिलने वाले है। तेल, लोहे और खनन से जुड़े काम में सफलता मिलेगी। 
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वृष राशि- इस राशि के जातकों के लिए सूर्य चौथे और शनि नवम, दशम के स्वामी होते हैं। दोनों ग्रहों की युति वृष राशि के जातकों के लिए अब दशम भाव में होने जा रही है। इस भाव से जातक के कर्म स्थल और कौशल का विचार किया जाता है। दोनों ग्रहों की संयुक्त दृष्टि अब आपके चौथे भाव पर होगी। इस युति के कारण आपको राजयोग का फल प्राप्त होगा। इस समय आपको अपने कार्य स्थल पर सम्मानित भी किया जाएगा। काफी समय से आपका अटका हुआ कोई काम पूरा होने से आपको ख़ुशी मिलेगी। इस समय आप सरकार से सहयोग प्राप्त करेंगे। अगर कोई मकान लेना चाह रहे है तो समय अच्छा है। 

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rashi - फोटो : अमर उजाला
मिथुन राशि - इस राशि के जातकों के लिए सूर्य तीसरे वही शनि अष्टम, नवम भाव के स्वामी होते हैं। दोनों ग्रहों की युति मिथुन राशि के जातकों के लिए नवम भाव में होने जा रही है। इस भाव से जातक के भाग्य, धर्म और गुरु का विचार किया जाता है। दोनों ग्रहों की संयुक्त दृष्टि अब आपके तीसरे स्थान पर होगी। इस युति के कारण आपको अपने भाग्य का भरपूर साथ मिलने जा रहा है। इस समय आपको छोटे- छोटे काम के सिलसिले में की गई यात्रा लाभ देने वाली होगी। आपके परिवार में किसी मंगल कार्य का भी आयोजन होगा। सूर्य शनि के कारण आपको धार्मिक यात्रा करने का सौभाग्य मिलेगा। आपको अपने पिता की ओर से मदद भी मिल सकती है। 
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rashi - फोटो : अमर उजाला
कर्क राशि - इस राशि के जातकों के लिए सूर्य और शनि दोनों मारकेश होते हैं। सूर्य दूसरे वही शनि सप्तम, अष्टम के स्वामी होते हैं। दोनों ग्रहों की युति कर्क राशि के जातकों के लिए आठवें भाव में होने जा रही है। इस भाव से आकस्मिक घटनाओ का विचार होता है। दोनों ग्रहों का संयुक्त प्रभाव आपके धन स्थान पर होगा। इस समय शनि ढैया का फल देने वाले होंगे। इस युति से कर्क राशि के जातकों को चोट लग सकती है। आपको वाहन सावधानी से चलाना होगा। इस समय आपको सलाह दी जाती है कि आप अपनी वाणी को मधुर बनाए रखे। जो जातक व्यापार करते है उन्हें धन के लेनदेन में सावधानी बरतनी होगी। इस समय परिवार के किसी सदस्य की बीमारी पर धन खर्च होने की सम्भावना है। नौकरी में संघर्ष रहेगा। 
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सिंह राशि - इस राशि के जातकों के लिए सूर्य लग्न वही शनि छठे और सप्तम भाव के स्वामी होते हैं। इस समय दोनों ग्रहों की युति सिंह राशि के जातकों के लिए सप्तम भाव में होने जा रही है। इस भाव से वैवाहिक जीवन और साझेदारी का विचार किया जाता है। दोनों ग्रहों का संयुक्त प्रभाव अब आपके लग्न पर ही होने जा रहा है। इस युति से आपको वैवाहिक जीवन में थोड़ा तनाव देखने को मिल सकता है। इस समय आपमें अहंकार और घमंड की प्रवृति देखी जा सकती है। इस समय आपको अपने स्वास्थ्य का भी पूरी तरह से ध्यान रखना होगा। अगर आप कोई नया काम शुरू करने जा रहे है तो फिलहाल के लिए उसे टाल देना ही उचित रहने वाला है। 
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कन्या राशि-  इस राशि के जातकों के लिए सूर्य बारहवें और शनि पंचम,छठे भाव के स्वामी होते हैं। दोनों ग्रहों की युति कन्या राशि के लिए अब छठे भाव में ही होगी। इस राशि के जातकों के लिए सूर्य शनि दोनों विपरीत राजयोग का फल प्रकट करने वाले है। दोनों ग्रहों का संयुक्त प्रभाव बारहवें भाव पर होगा। इसके प्रभाव से विदेश में काम कर रहे जातक सफलता प्राप्त करने वाले है। इस समय आपको किसी बड़ी नौकरी का प्रस्ताव भी आ सकता है। दोनों ग्रहों के प्रभाव से आपके शत्रुओं का नाश होगा। इस समय आपको सरकार से लाभ प्राप्त हो सकता है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे जातकों को सफलता मिल सकती है। 

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तुला राशि- इस राशि के जातकों के लिए सूर्य एकादश भाव वही शनि चौथे और पांचवे भाव के स्वामी होकर परम राजयोग कारक हो जाते हैं। दोनों ग्रहों की युति कन्या राशि के लिए अब पंचम भाव में होने जा रही है। इस भाव से जातक के प्रेम, शिक्षा और संतान का विचार किया जाता है। दोनों ग्रहों का संयुक्त प्रभाव आपके लाभ स्थान पर होने जा रहा है। इसके प्रभाव से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे जातकों को सफलता का स्वाद चखने को मिलेगा। वही शेयर मार्किट से जुड़े जातक थोड़ा सावधानी से धन निवेश करे तो बढ़िया है। इस समय आपको अपने भाइयों और मित्रों का सहयोग मिलने वाला है। व्यापारी वर्ग के लिए यह गोचर उनके सभी सपने पुरे करने वाला होगा। 

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वृश्चिक राशि- इस राशि के जातकों के लिए सूर्य दशम और शनि तीसरे, चौथे भाव के स्वामी होते हैं। दोनों ग्रहों की युति अब इस राशि के जातकों के लिए चौथे भाव में होगी। इस भाव से जातक की मानसिक शक्ति और भौतिक सुख का विचार किया जाता है। दोनों ग्रहों का संयुक्त प्रभाव अब आपके दशम भाव पर होगा। इस समय इस राशि के जातक शनि की ढैया में है। आपको मानसिक कष्ट संभव है। कार्यों में देरी होगी जिससे आपका मन खिन्न रहेगा। इस समय कार्यस्थल पर सीनियर के साथ संबंध बढ़िया नहीं रहेंगे। इस समय आपको अपनी मां की सेहत को लेकर सावधान रहने की सलाह दी जाती है। इस गोचर के कारण आपको धन की कमी महसूस हो सकती है। 

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धनु राशि- इस राशि के जातकों के लिए सूर्य नवम भाव वही शनि दूसरे, तीसरे भाव के स्वामी होते हैं। दोनों ग्रहों की युति धनु राशि के लिए तीसरे भाव में ही होगी। इस भाव से जातक के साहस और पराक्रम का विचार किया जाता है। दोनों ग्रहों का संयुक्त प्रभाव आपके भाग्य स्थान पर होगा। इस गोचर में आपको यात्राओं से लाभ होता हुआ दिखाई दे रहा है। इस समय आपका साहस और पराक्रम बढ़ा हुआ रहने वाला है और आपकी वाणी के प्रभाव से आपके कार्य सिद्ध होंगे। इस समय आपको भाग्य का भरपूर साथ मिलने के योग बने हुए है। किसी धार्मिक यात्रा के माध्यम से कोई बड़ी डील हो सकती है। इस समय आपको पिता की ओर से धन की मदद मिल सकती है।

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मकर राशि- इस राशि के जातकों के लिए सूर्य अष्टम वही शनि लग्न और दूसरे भाव के स्वामी होते हैं। दोनों ग्रहों की युति मकर राशि के लिए अब दूसरे भाव में होने जा रही है। इस भाव से जातक की वाणी और संचित धन का विचार किया जाता है। दोनों ग्रहों का संयुक्त प्रभाव अब आपके आठवें भाव पर होगा। इस गोचर से आपको धन से जुड़े मामलो में सफलता मिलने वाली है। इस समय आपको अपनी वाणी के प्रभाव से प्रसिद्धि मिलेगी। किसी कंपनी में किया गया निवेश धन की वृद्धि करने वाला होगा। आपको इस समय पारिवारिक विवाद से बचकर चलना होगा। इस समय आपको सलाह दी जाती है कि आप वाहन सावधानी से चलाएं। 

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कुंभ राशि- इस राशि के जातकों के लिए सूर्य सप्तम भाव के और शनि बारहवें, लग्न के स्वामी होते हैं। दोनों ग्रहों की युति अब इस राशि के जातकों के लिए लग्न में ही होगी। इस भाव से जातक के व्यक्तित्व का पता लगाया जाता है। दोनों ग्रहों का संयुक्त प्रभाव अब आपके सप्तम भाव पर होगा। इस समय कुंभ राशि के जातक शनि साढ़े साती के मध्य चरण में होंगे। इस गोचर के कारण आपके पिता के साथ मतभेद बढ़ सकते है। इस समय जो जातक नया काम शुरू करने की सोच रहे है उन्हें अभी और इंतज़ार करना होगा। इस समय आपको अपने स्वास्थ्य का भी ख्याल रखना होगा। वैवाहिक जीवन में इस समय तनाव बना रह सकता है इसलिए आपको अपने पार्टनर की भावनाओं को समझकर चलना होगा।
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मीन राशि- इस राशि के जातकों के लिए सूर्य छठे वही शनि एकादश और बारहवें भाव के स्वामी होते हैं। दोनों ग्रहों की युति मीन राशि के जातकों के लिए अब बारहवें भाव में होने जा रही है। इस भाव से जातक के व्यय, विदेश, एकांत और कारावास का विचार किया जाता है। दोनों ग्रहों का संयुक्त प्रभाव अब आपके छठे स्थान पर होने जा रहा है। इस समय आपको विदेशी मामलों में सफलता मिलती हुई दिखाई दे रही है। जो जातक विदेश पढ़ने जाना चाहते है उन्हें सफलता मिलेगी। इस गोचर के कारण आपको किसी बड़ी ओर अच्छी नौकरी का प्रस्ताव भी आ सकता है। हालांकि इस समय आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखकर चलना होगा।
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