वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह का विशेष महत्व होता है। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह माने जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को कुंभ और मकर राशि का स्वामी ग्रह माना गया है और यह तुला राशि में उच्च के होते हैं। शनिदेव व्यक्तियों को उनके द्वारा किए गए कर्मों के आधार पर शुभ-अशुभ फल प्रदान करते हैं। शनिदेव का राशि परिवर्तन और वक्री या मार्गी चाल व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं। शनिदेव अभी कुंभ राशि में वक्री अवस्था में हैं और 4 नवंबर 2023 को मार्गी हो जाएंगे। शनि के मार्गी होने कुछ राशि के जातकों पर इसका अच्छा प्रभाव देखने को पड़ेगा। धन लाभ के मौके बढ़ेंगे और मान-सम्मान में वृद्धि देखने को मिलेगी।