गुरु-शनि ग्रह का दोहरा गोचर
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मिथुन राशि
मिथुन राशि की कुंडली में शनि भाग्य भाव, राहु कर्म भाव और देवगुरु बृहस्पति लाभ के भाव में स्थित हैं। ऐसे में एकादश भाव जो लाभ का भाव या आय का भाव कहलाता है जागृत होगा और इस राशि के जातकों को आर्थिक मजबूती प्राप्त होगी। धन धन्य में भी वृद्धि होगी। जिन जाकों के लम्बे समय से काम रुके हुए थे वह पूरे होंगे। जो जातक नौकरी पेशा हैं उन्हें कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारीयों का सहयोग मिलेगा। गुरु ग्रह की पंचम दृष्टि तीसरे भाव और शनि की सप्तम दृष्टि भी तीसरे भाव में होने के कारण आपका तृतीय भाव यानी पराक्रम का भाव भी जागृत होगा जिसके प्रभाव से आपकी निर्णय क्षमता में इजाफा होगा और आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी। आप जो भी नया काम शुरू करेंगे उसमें आपको लाभ मिलेगा।