वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय का देवता और कर्मफलदाता माना जाता है। सभी ग्रहों में शनि ऐसे ग्रह हैं जो सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। मंद गति से चलने के कारण शनिदेव का शुभ-अशुभ प्रभाव काफी समय तक रहता है। अगर किसी जातक की कुंडली में शनि अशुभ भाव में हैं तो जातक को अशुभ फल की प्राप्ति होती है, वहीं अगर शनिदेव जातक की कुंडली में शुभ भाव में विराजमान हों तो हर तरह की सफलता दिलाते हैं। जिन जातकों की कुंडली में शनि अच्छे भाव में रहते हैं वे उच्च पदों की प्राप्ति करते हैं। शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव भी जातकों के जीवन पर गहरा पड़ता है। आम धारणा के मुताबिक शनि की छाया को अशुभ माना जाता है लेकिन ऐसा नहीं हैं क्योंकि शनि कुछ राशि के जातकों पर अपनी विशेष कृपा द्दष्टि रखते हैं। आइए जानते हैं कौन-कौन सी हैं वे राशियां।
Weekly Horoscope (26 Feb To 03 March): यह सप्ताह सभी के लिए कैसा रहेगा, पढ़ें 12 राशियों का साप्ताहिक राशिफल