शनि 11 मई, सोमवार से अगले 142 दिनों के लिए मार्गी से वक्री होने जा रहे हैं। शनि की वक्री चाल को उल्टी चाल या पीछे की तरफ चलना कहते हैं। शनि सोमवार 11 मई की सुबह 09 बजकर 27 मिनट पर अपने पिता सूर्य के नक्षत्र उत्तराशाढा के चतुर्थ चरण तथा अपनी ही राशि 'मकर' में वक्री हो रहे हैं ये पुनः 29 सितंबर को इसी नक्षत्र के द्वितीय चरण में गोचर करते हुए मार्गी होंगे। इस प्रकार शनि 4 माह 18 दिनों तक वक्र गति से चलेंगे। शनि के मार्गी से वक्री होने का सभी जातकों को कैसा असर पड़ेगा आइए जानते हैं।
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राशि
मेष- शनि का वक्री होना मेष राशियों के लिए परेशानियां ला सकता है। वृष- आपके लिए शनि का वक्री धन संबंधी चिंता को बढ़ाएगा। वृष राशि के जातकों के लिए मकर राशि में शनि का वक्री होना अच्छे संकेत नहीं है। मिथुन- मिथुन पर शनि की ढैय्या चल रही ऐसे में शनि का वक्री होना आपके लिए अच्छा नहीं रहने वाला है।
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राशि
कर्क- शनि का वक्री होना आपके के लिए मिलाजुला रहेगा। सेहत का खास ख्याल रखने की जरुरत है। सिंह- सिंह राशि के जातकों के लिए वक्री शनि परेशानी लेकर आ सकता है। विशेष कार्य को करते समय सतर्कता बरतें। कन्या- आपके लिए शनि का वक्री सामान्य रहने वाला है।नौकरी और व्यापार में अच्छा फल प्राप्त होने के संकेत है।
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राशि
तुला- आपके ऊपर शनि की ढैय्या चल रही है ऐसे में वक्री शनि आपकी चिंताओं में वृद्धि करेगा। वृश्चिक- शनि का आपके ऊपर कोई खास प्रभाव नहीं डाल सकेंगे। आपके कार्यों के अच्छे नतीजे मिलेंगे। धनु - इस राशि के जातकों के ऊपर शनि की साढ़े साती चल रही है ऐसे में शनि का वक्री होना मुश्किलें बढ़ाने का काम कर सकता है।
मकर- शनि का वक्री होना आपके लिए अच्छे नतीजे लाना वाला है। रूके हुए काम पूरे होने लगेंगे। कुंभ- कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि की साढ़ेसाती का पहल चरण है ऐसे में शनि का वक्री होना परेशानियों का बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। मीन - शनि का वक्री होना मीन राशि के जातकों के लिए शुभ रहेगा।