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Rahu Ketu Transit 2019 : राहु-केतु के राशि परिवर्तन के बाद इन राशियों को 18 महीने रहना होगा सावधान

Tue, 05 Mar 2019 02:13 PM IST
Madhukar Mishra पं. राजेश तिवारी, ज्योतिषविद्
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राहु-केतु राशि परिवर्तन 2019
7 मार्च 2019, गुरुवार, को प्रात: 7:54 मिनट पर पापाग्रह के नाम से पहचाना जाने वाला राहु नामक छाया ग्रह कर्क राशि का परित्याग कर मिथुन राशि में प्रवेश करेगा। सामान्यत: छाया ग्रह राहु का गोचर एक राशि में 18 माह तक भोग करता है। जिसके फलस्वरूप राहु का राशि परिवर्तन न केवल व्यक्ति विशेष के लिए अपितु अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर भी गंभीर रूप से प्रभावकारी बनेगा। भौतिक जीवन में राहु नामक छाया ग्रह को जहां राजनीति का मूल कहा जाता है। जहां यह ग्रह अपनी शुभावस्था में बिना योग्यता के ही सर्वस्व देने की क्षमता रखता है, वहीं पापाक्रांत अवस्था में सर्वस्व समाप्त करने की भी क्षमता रखता है। 
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राहु-केतु राशि परिवर्तन 2019
केतु जो विवेकशून्य अर्थात् मस्तिष्कहीन ग्रह के नाम से जाना जाता है, वह राहु के राशि परिवर्तन के साथ ही धनु राशि में प्रवेश करेगा। यह भी राहु के समान ही आगामी 18 माह तक धनु राशि में विचरण करेगा। यद्यपि केतु नामक ग्रह मंगल के समान फल देने के लिए जाना जाता है। परंतु इसका फल भावकारी अवस्था के साथ-साथ इसके बलाबल पर विचार करने पर ही किया जाना चाहिए। अपने गुप्त स्वभाव के कारण जहां इसे रहस्मय ग्रह कहा जाता है, वहीं यह असंभव को संभव एवं निश्चितता को अनिश्चितता में बदलने वाला भी होता है।
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राहु-केतु राशि परिवर्तन 2019
जानें किन्हें शुभ और किन्हें देंगे अशुभ परिणाम

भारतीय ज्योतिष के अनुसार राहु नामक छाया ग्रह अत्यंत बलवती पापाग्रह के नाम से जाना जाता है। जिसके फलस्वरूप गोचर में राशि से तृतीय अर्थात् मेष राशि, छठे यानी मकर राशि एवं एकादश अर्थात् सिंह राशि के लिए यह चातुर्दिक विकास का मार्ग प्रशस्त करने वाला कहा जाएगा। वहीं मीन, वृश्चिक एवं कर्क राशियों के लिए अत्यंत नकारात्मक फल प्रदान करने वाला कहा जाएगा। 

Rahu Ketu Transit 2019 : सरल उपायों से दूर करें राहु की रुकावट और केतु के कष्ट

अपनी राशि के अनुसार राहु-केतु के राशि परिवर्तन का विस्तार से प्रभाव जानने के लिए आगे की स्लाइड पर क्लिक करें — 

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राशि
मेष
राशि के तृतीयेश राहु अत्यंत कल्याणकारी कहा जाएगा। पारिवारिक एवं सामाजिक रूप से जहां उन्नति प्रदान करेगा, वहीं पराक्रम में वृद्धि, आरोग्य वृद्धि, रुके हुए कार्यों को पूरा करने वाला सिद्ध होगा। 

नवम् भाव में गया हुए केतु पूज्य कहा जाएगा। वाद-विवाद भाग्यावरोध एवं कार्यों में थोड़ा विघ्नता पैदा कर सकता है। 
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राशि
वृष 
राशि से द्वितीयस्थ राहु सामान्य फल प्रदान करने वाला कहा जाएगा। आर्थिक रूप से जहां यह संघर्ष कराने वाला कहा जाएगा। वहीं अपने लोगों से कष्ट, सरकार से असहयोग की स्थिति उत्पन्न करेगा। परिवार में अनावश्यक विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। 

अष्टम् भाव में गया हुए केतु अचानक दुर्घटना अथवा स्वास्थ्य में परेशानी पैदा कर पैतृक संपदा में विवाद की स्थिति पैदा कर सकता है।
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मिथुन
मिथुन
राशि से गोचर कर रहा राहु मतिभ्रम की स्थिति पैदा करेगा। शारीरिक कष्ट, पत्नी से विवाद एवं संतान से मनमुटाव पैदा कर अहंकार की स्थिति उत्पन्न करेगा। 

सप्तम् भाव का केतु पत्नी से मानसिक तनाव भोग एवं पेट से संबंधित समस्या पैदा करेगा। 
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राशि
कर्क
राशि से द्वादश राहु बेहद नकारात्मक परिणाम पैदा करेगा। अपव्यय नौकरी में स्थानांतरण, परिवार के सुख में बाधा, शत्रुओं से कष्ट एवं कष्टकारी यात्रा का योग बनाएगा। 

छठे भाव में गया हुआ केतु अदालती कार्यों से मुक्ति या विजय दिलाएगा। नई योजनाएं सफल बनाने में पूरा सहयोग प्रदान कराएगा। 

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राशि
सिंह 
एकादश भाव में गया हुआ राहु चातुर्दिक विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। धन में वृद्धि, सुख-सम्मान में बढ़ोत्तरी एवं रुके हुए कार्यों को संपन्न कराएगा। 

पंचम भाव में गया हुआ केतु पूजनीय है। मानसिक भ्रम एवं तनाव जोखिम भरा निर्णय, संतान के स्वास्थ्य में समस्या उत्पन्न करने वाला सिद्ध हो सकता है। 

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राशि
कन्या 
कन्या राशि के लिए दशमस्थ राहु परम कल्याणकारी है। मनोवांछित फल प्रदान करने वाला यह राहु राजनैतिक एवं प्रशासनिक व्यक्ति के लिए सर्वदा शुभकारी परिणाम देगा। राजनीतिक विजय, पदोन्नति के लिए अत्यंत उत्तम है। 

चतुर्थ भाव का केतु अचानक अपयश की स्थिति, माता के स्वास्थ्य में बाधा, भूमि विवाद एवं सीने से संबंधित, रोग पैदा कर सकता है। 
 

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राशि
तुला 
आपकी राशि से नवमस्थ राहु पूजनीय है। अचानक चलते हुए कार्यों में भाग्यावरोध के कारण समस्या आ सकती है। ऐसी स्थिति में श्रेष्ठजन की सहायता आपके लिए सहायक सिद्ध हो सकती है। भाग्य के भरोसे किसी भी जोखिम को लेने में हानि का सामना करना पड़ सकता है। 

तृतीय भाव में गया हुआ केतु जहां पराक्रम में वृद्धि कराएगा, वहीं ऋण, रोग एवं शत्रुओं का दमन करेगा। 

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राशि
वृश्चिक
आपकी राशि के लिए राहु का गोचर बेहद खराब कहा जाएगा। अष्टमस्थ राहु शारीरिक कष्ट, बदनामी, लोकप्रियता में कमी, दुर्घटना, सेहत में बाधा, एवं अपयश की स्थिति पैदा करने वाला कहा जाएगा। 

राशि से द्वितीयस्थ केतु पारिवारिक विवाद के साथ-साथ संग्रह किए हुए धन को व्यय कराएगा एवं मुख से संबंधित रोग पैदा कर सकता है। 

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राशि
धनु 
राहु की सप्तमस्थ अवस्था छोटी सी सफलता के लिए बड़े संघर्ष कराएगी। यात्रा में कष्ट, समझौते में हानि एवं बाहरी व्यक्ति से क्षति का संकेत देती है। 

जन्म राशि पर गोचर कर रहा केतु आपके जीविकोपार्जन में व्यवधान देगा एवं अति चतुराई करने पर गंभीर नकारात्मक परिणाम प्रदान कर सकता है।

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राशि
मकर
इस राशि के लिए छठे भाव में गया हुआ राहु आगामी 18 माह तक सर्वथा ही कल्याणकारी परिणाम प्रदान कराएगा। शत्रु विजय, धन के विशिष्ट मार्ग का प्रारंभ होना, यश एवं प्रसिद्धि, रोगों से मुक्ति, शत्रुओं का दमन, नए भूमि एवं वाहन का योग बनाएगा। 

बारहवें घर में गया हुआ केतु व्यर्थ का व्यय विश्वासघात, चोरी से धनहानि, अनावश्यक यात्रा कराएगा। 

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राशि
कुंभ 
पंचम भाव में गया राहु संतान, धन, रोजगार की दिशा में नकारात्मक परिणाम प्रदान कर सकता है, लेकिन आपको सरकारी कार्यों में विशिष्ट सफलता दिलाएगा। 

एकादश भाव में गया हुआ केतु कल्याणकारी परिणाम प्रदान करने के साथ-साथ आर्थिक उन्नति भी देगा।
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राशि
मीन
राशि से चर्तुर्थस्थ राहु अशुभ परिणाम प्रदान करेगा। अचानक बदनामी, संतान से कष्ट, आर्थिक गिरावट एवं प्रत्येक कार्य में बाधा उत्पन्न करेगा। 

राशि से दशमस्थ केतु सामान्य फलकारी है। संयम एवं चतुराई से कार्य करने पर थोड़े लाभ की संभावना कही जाएगी। 
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