कुंडली में राहु की स्थिति यदि ठीक न हो तो व्यक्ति को मानसिक तनाव, गुस्सा, भय, आर्थिक तंगी और जीवन में अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। ज्योतिष शास्त्र में राहु के दुष्प्रभाव को कम करने और फलदायी बनाने के कई उपाय बताए गए हैं। आइए इन उपायों के बारे में जानते हैं...
Rahu Ke Upay: वैदिक ज्योतिष में राहु को एक छाया ग्रह माना गया है। इसका स्वभाव बेहद रहस्यमयी और अनिश्चित होता है, इसलिए इसे शुभ और अशुभ दोनों परिणाम देने वाला ग्रह कहा गया है। कुंडली में राहु की स्थिति यदि ठीक न हो तो व्यक्ति को मानसिक तनाव, गुस्सा, भय, आर्थिक तंगी और जीवन में अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। कई बार यह बुरी आदतों, गलत संगति और अपराध की प्रवृत्ति का भी कारण बनता है। राहु किसी राशि का स्वामी नहीं है, लेकिन जिस भाव या राशि में यह विराजमान होते हैं, वहां अपने प्रभाव से शुभ या अशुभ फल देते हैं।
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राहु को शांत करने के सरल उपाय
- फोटो : अमर उजाला
राहु को शांत करने के सरल उपाय
ज्योतिष शास्त्र में राहु के दुष्प्रभाव को कम करने और फलदायी बनाने के कई उपाय बताए गए हैं। इन्हें अपनाकर आप कुंडली में राहु की दशा को ठीक कर सकते हैं।
राहु दोष को कम करने के लिए वैवाहिक जीवन और ससुराल पक्ष के साथ मधुर व्यवहार रखना चाहिए।
प्रतिदिन या विशेष दिनों में माथे पर केसर का तिलक करने से भी राहु शांत होता है।
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राहु को शांत करने के सरल उपाय
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गुरुवार को पीले वस्त्र, चना दाल, हल्दी या जरूरतमंदों को भोजन दान करना इसके लिए लाभकारी होता है।
गलत आदतें और नकारात्मक संगति राहु के दुष्प्रभाव को बढ़ाती हैं, इसलिए इससे दूर रहना बहुत आवश्यक है।
घर का शौचालय और सीढ़ियां वास्तु नियमों के अनुसार बनवाने से राहु से संबंधित समस्याएं नहीं होती हैं।
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राहु मंत्र का जाप
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राहु मंत्र का जाप
राहु के दुष्प्रभावों से राहत पाने के लिए प्रतिदिन स्नान के बाद “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः” मंत्र का 108 बार जाप करना बेहद लाभकारी माना जाता है। नियमित जाप करने से धीरे-धीरे राहु दोष का असर कम होने लगता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।