ग्रहों में युवराज कहे जाने वाले चंद्रपुत्र बुध 17 अगस्त की सुबह 8 बजकर 28 पर कर्क राशि की यात्रा समाप्त करके सिंह राशि में प्रवेश कर रहे हैं जहां पर ये पहले से विराजमान सूर्य के साथ युति करेंगे। सूर्य और बुध की युति से बनने वाला 'बुधादित्य' योग 29 अगस्त से ही प्रारंभ हो पाएगा, उसके पहले बुधादित्य योग का प्रभाव नहीं रहेगा। इस राशि पर ये 2 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 2 मिनट तक विद्यमान रहेंगे, उसके बाद कन्या राशि में प्रवेश कर जाएंगे। फलित ज्योतिष में बुध शिक्षण कार्य, बैंकिंग सेक्टर, तथा न्यायिक क्षेत्रों के अतिकारक कहे गए हैं।
इनके राशि परिवर्तन का सर्वाधिक असर व्यापारियों, विद्यार्थियों तथा युवाओं पर पड़ता है। मिथुन एवं कन्या राशि के स्वामी बुध अपनी स्वयं की राशि कन्या में ही उच्चराशिगत तथा मीन राशि में नीचराशिगत संज्ञक माने गए हैं। इनके राशि परिवर्तन का सभी बारह राशियों पर कैसा प्रभाव रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।