ज्योतिष शास्त्र में केतु ग्रह को आध्यात्म, वैराग्य, मोक्ष आदि का कारक माना जाता है। ज्योतिष में राहु को किसी भी राशि का स्वामित्व प्राप्त नहीं है। लेकिन धनु राशि में ये उच्च के और मिथनु राशि मे नीच के माने जाते हैं। इस ग्रह का कोई वास्तविक रूप या आकार नहीं है। इसलिए इसे छाया ग्रह कहते हैं। केतु ग्रह वृश्चिक राशि में स्थित हैं और इस पूरे साल ये इसी राशि में विराजमान रहेंगे। लेकिन जून 2021 में केतु नक्षत्र परिवर्तन करेंगे। 2 जून 2021 को केतु ज्येष्ठा नक्षत्र से अनुराधा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। केतु के इस नक्षत्र परिवर्तन का सभी 12 राशियों पर शुभ-अशुभ प्रभाव पड़ेगा।