वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों का गोचर व्यक्ति के जीवन पर काफी प्रभाव डालते हैं। हर एक ग्रह निश्चित अंतराल पर अपनी राशि बदलते हैं या फिर चाल बदलते हैं। ज्योतिष में तीन प्रमुख ग्रह शनि, राहु, और गुरु का राशि परिवर्तन काफी महत्वपूर्ण होता है। शनि जहां किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं, वहीं गुरु एक साल में राशि परिवर्तन करते हैं और राहु किसी एक राशि में डेढ़ साल तक रहते हैं। राशि परिवर्तन के अलावा ये ग्रह इसी अवधि के दौरान अपनी स्थिति में बदलाव भी करते हैं। यानी ग्रह समय-समय पर वक्री और मार्गी होते रहते हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जल्द ही गुरु ग्रह की चाल में बदलाव देखने को मिलेगा। ज्योतिष में गुरु ग्रह को धन, ज्ञान, संतान, शिक्षा और धार्मिक कार्यों के कारक माने जाते हैं। गुरु एक वर्ष तक किसी एक राशि में रहते हैं और अभी यह वृषभ राशि में हैं। वृषभ राशि पर शुक्र ग्रह का स्वामित्व प्राप्त है। जो अक्तूबर माह में उल्टी चाल यानी वक्री हो जाएंगे। गुरु 09 अक्तूबर 2024 को दोपहर 12 बजकर 33 मिनट पर वक्री हो जाएंगे जो 4 फरवरी तक रहेंगे। गुरु के वक्री होने पर कुछ राशि के जातकों के जीवन पर बुरा प्रभाव तो कुछ को धन लाभ और सफलताएं मिल सकती हैं।