Dussehra 2023: हिंदू धर्म में दशहरे के त्योहार का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दशहरा का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाने वाला त्योहार माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार विजयादशमी का त्योहार हर वर्ष आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने दशहरा वाले दिन पर ही रावण का वध किया था इसलिए हर वर्ष दशहरे के पर्व पर देशभर में रावण के पुतले को जलाया जाता है। वहीं एक अन्य मान्यता के अनुसार इस तिथि पर ही मां दुर्गा ने लगातार नौ दिनों तक चलने वाले भीषण युद्ध में महिषासुर का वध किया।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार विजयादशमी का पर्व बहुत ही खास और दुर्लभ योग में मनाया जा रहा है। दरअसल वैदिक शास्त्र की गणना के मुताबिक विजयादशमी पर न्याय और कर्मफलदाता शनिदेव अपनी स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान रहेंगे, जिसके कारण शश राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शश राजयोग बहुत ही शुभ माना गया है। इसके अलावा दशहरा पर गुरु और शुक्र ग्रह एक दूसरे के सामने विराजमान होंगे। जिस कारण समसप्तक योग बनने से धन लाभ के प्रबल संकेत है। वहीं तुला राशि में सूर्य-बुध ग्रह की युति से बुधादित्य योग का निर्माण होगा। दशहरे पर एक साथ कई शुभ योग बनने से कई राशि के जातकों को विशेष लाभ होगा सकता है । आइए जानते हैं इस बार का दशहरा किन-किन राशि वालों के लिए शुभ रहने वाला होगा।