साल 2019 के अलविदा होने में अब कुछ ही दिन शेष है। ज्योतिष नजरिए से सभी जातकों के लिए नया साल कुछ न कुछ लाता है। ऐसे में साल 2020 को सुखद और सफल बनाने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कुछ उपाय बताए गए हैं। जिनका पालन करने से परेशानियां कम होती है और अच्छे समाचार मिलते हैं। यह उपाय है साल 2020 में शनिदेव को कैसे करें प्रसन्न .....
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hanumanji
1- हनुमानजी का पूजा- साल 2020 के हर मंगलवार और शनिवार को करें हनुमानजी की पूजा
2- काली गाय की सेवा- साल 2020 में काली गाय की सेवा करने से शनिदेव होंगे प्रसन्न
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रुद्राक्ष
शनि देव के नाम- साल 2020 में जपें शनिदेव के ये 10 नाम- कोणस्थ, पिंगल, बभ्रु, कृष्ण, रौद्रान्तक, यम, सौरि, शनैश्चर, मंद और पिप्पलाद
रुद्राक्ष की माला से जाप- साल 2020 के प्रत्येक शनिवार को रुद्राक्ष की माला से जपे शनिमंत्र
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काला धागा
काले चने का भोग- साल 2020 में शनिदेव को लगाएं काले चने का भोग
काला धागा- शनिवार के दिन काले धागे को अभिमंत्रित करवा कर धारण करें।
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bhairav nath
- फोटो : social media
भैरवजी की उपासना- शाम के समय काले तिल के तेल का दीपक लगाकर शनि दोष से मुक्ति के लिए प्रार्थना करें।
लाल चन्दन की माला- लाल चन्दन की माला को अभिमंत्रित कर पहनने से शनि के अशुभ प्रभाव कम होगा।
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मांस मदिरा से बनाएं दूरी- अगर आपके ऊपर साल 2020 में शनि की साढ़ेसाती, ढय्या या महादशा चल रही हो तो इस दौरान मांस, मदिरा का सेवन न करें।
सरसों के तेल का दीपक- पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
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shanidev
शनि का दान लेने वाले को करें दान- हर शनिवार को काली चीजों का दान करें।
काला कोयला और लोहे की कील का उपाय- काला कोयला और एक लोहे की कील को काले कपड़े में बांधकर अपने सिर पर से घुमाकर बहते हुए जल में प्रवाहित करें।
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cow
रोटी खिलाएं- गाय को चोकर युक्त आटे की 2 रोटी खिलाएं।
काले धागे की माला- शनिदेव का प्रकोप कम करने के लिए दाहिने हाथ में काला धागा बांधे।
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मछली
- फोटो : pixabay
मछलियों को दाना- साल 2020 में शनि जयंती के दिन मछलियों को दाना खिलाएं।
बन्दरों और काले कुत्तों की सेवा- प्रत्येक शनिवार को काले कुत्ते और बंदरों को बूंदी के लड्डू खिलाने से शनि का अशुभ छाया कम होती है।
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शमी के पत्ते
- फोटो : अमर उजाला
छल्ला धारण करें- काले घोड़े की नाल या नाव में लगी कील से बना छल्ला धारण करें।
शमी वृक्ष की जड़- शनिवार के दिन श्रवण नक्षत्र में या शनि जयंती के दिन शमी वृक्ष की जड़ को विधि-विधान पूर्वक घर लाएं।