ज्योतिष शास्त्र में मुहूर्त (काल, समय) का विशेष महत्व माना गया है। ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार कुछ नक्षत्रों या ग्रह संयोग में शुभ कार्य करना बहुत ही अच्छा माना जाता है। वहीं कुछ नक्षत्रों में कोई विशेष कार्य करने की मनाही रहती है। 15 अक्टूबर से पंचक लगने के कारण इसे चोर पंचक का नाम दिया गया है।
15 अक्टूबर को ही दशहरा के बाद शुक्रवार को शुरू होने वालें पचंक को चोर पंचक कहते है। इस दिन यात्रा करने की मनाही होती है। साथ ही इस दिनों में व्यापार लेन देन की भी मनाही होती है। अगर इस दिन मनाही वाले काम करते है तो आपको धन की हानि होती है।