विवाह में देरी का कारण और निवारण
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इसके अलावा कुंडली के लग्न, चौथे, सप्तम, आठवें और बारहवें भाव में कमजोर मंगल हो तो मांगलिक दोष के कारण 28वें वर्ष तक विवाह नहीं होता है। वहीं कुंडली में अष्टम में मंगल या गुरु पाप पीड़ित हो तो वैधव्य योग भी बनता है। इसके लिए भगवान शालिग्राम और पीपल के पेड़ से पूजा का विधान है।