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गर्भावस्था में नौ ग्रह ऐसे करते हैं शिशु के भविष्य को प्रभावित

Thu, 24 Sep 2020 12:08 PM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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गर्भावस्था में ग्रहों की भूमिका - फोटो : सोशल मीडिया
गर्भावस्था की अवधि नौ माह की होती है। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार गर्भावस्था के नौ माह ग्रहों से संबंधित हैं। इसलिए गर्भावस्था में शिशु के भविष्य को संवारने के लिए गर्भवती महिलाओं को ज्योतिषीय उपाय करने चाहिए जिससे कि उसके ग्रह अनुकूल हो सकें। जिस बच्चे की कुंडली में नवग्रह अच्छी स्थिति में होते हैं वह जीवन में सभी प्रकार के सुखों को पाता है। आइए जानते हैं गर्भावस्था के नौ माह का ग्रहो से संबंध और ज्योतिषी उपाय..
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शुक्र देव - फोटो : अमर उजाला
गर्भ का पहला महीना होता है शुक्र का
ज्योतिष में गर्भावस्था का पहला महीना शुक्र का होता है। शुक्र देव को संसार के सभी सुखों का कारक माना जाता है। इस दौरान महिला को शुक्र ग्रह से जुड़े उपाय करने चाहिए, जिससे शिशु की कुंडली में शुक्र ग्रह उच्च स्थिति में हो। 
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मंगल देव - फोटो : अमर उजाला
मंगल का होता है दूसरा महीना
गर्भावस्था में दूसरा महीना मंगल ग्रह का होता है। ज्योतिष में मंगल ग्रह साहस, शक्ति और पराक्रम का कारक माना जाता है। जिस बच्चे की कुंडली में मंगल प्रबल हो वह बहुत बलशाली, रोगमुक्त और ताकतवर होता है। इस दौरान मंगल ग्रह से जुड़े उपाय करने चाहिए। 

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बृहस्पति देव - फोटो : अमर उजाला
तीसरे माह के स्वामी हैं देवगुरु बृहस्पति
ज्योतिष के अनुसार, गर्भावस्था का तीसरा महीना देवगुरु बृहस्पति का होता है। बृहस्पति ग्रह शिक्षा, रोजगार, विवाह और संतान के कारक हैं। इस दौरान देवगुरु बृहस्पति की शांति के उपाय करने चाहिए। 
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सूर्य देव
गर्भ का चौथा और नौवां महीना होता है सूर्य का 
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गर्भावस्था का चौथा और पांचवां महीना सूर्यदेव का होता है। सूर्य देव को पिता, सरकारी नौकरी, मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा आदि का कारक माना जाता है। इन दो महीने जातकों को सूर्यदेव की मजबूती के उपाय करने चाहिए। 
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चंद्र देव - फोटो : अमर उजाला
पांचावां और आठवां महीना होता है चंद्रदेव का
गर्भ का पांचवां और आठवां माह चंद्र देव का महीना माना जाता है। चंद्र देव माता की लंबी उम्र, ननिहाल से मिलने वाला प्यार और बच्चे की मानसिक स्थिति को प्रभावित करते हैं। जिन बच्चों का चंद्र ग्रहण गर्भ में ही मजबूत हो जाता है उन्हें जीवन में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है। इस समय चंद्र देव की मजबूती के उपाय करने चाहिए।
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शनि देव - फोटो : अमर उजाला
छठे माह के स्वामी हैं शनि महाराज
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गर्भ का छठा महीना न्याय के देवता शनिदेव का माना जाता है। शनिदेव बच्चे के बाल, नाखून और रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करते हैं। इस दौरान शनिदेव की मजबूती के लिए उपाय करने चाहिए। 
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बुध देव - फोटो : अमर उजाला
सातवें माह के मालिक हैं बुधदेव 
गर्भावस्था के दौरान सातवां महीना बुध का होता है। यदि बुध ग्रह को मजबूत करने के उपाय किए जाएं तो बच्चे की बुद्धि, वाणी, आत्मविश्वास और लेखन में वृद्धि करके उसे बेहतर बनाया जा सकता है। बुध ग्रह को साधने के लिए इस दौरान उनसे जुड़े उपाय करने चाहिए।
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