फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hindu new year: इस बार है ‘राक्षस’ संवत्सर 2078, परेशानियों और दुर्घटनाओं से बचने के लिए नवरात्रि के पहले दिन से करें ये उपाय

Sat, 10 Apr 2021 03:24 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
नवरात्रि और हिन्दू नववर्ष (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार चैत्र को वर्ष का पहला माह माना जाता है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवरात्रि आरंभ होने के साथ ही हिंदू नववर्ष भी प्रारंभ होता है। इस नवरात्रि 13 अप्रैल 2021 से शुरू हो रही हैं, इस दिन ही नववर्ष भी मनाया जाएगा। यह दिन इसलिए भी खास है क्योंकि इस बार 13 अप्रैल 2021 को ही बैसाखी का पर्व भी है। इसके साथ ही 13 अप्रैल से शुरू होने वाला नया विक्रम संवत 2078 वृषभ लग्न और रेवती नक्षत्र में आरंभ होगा, साथ ही नव संवत्सर के दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों मीन राशि में ठीक एक ही अंश पर मौजूद रहेंगे। इसका अर्थ है कि नवीन चंद्रमा का उदय भी मीन राशि में ही होगा। पंचांग के अनुसार यह नवसंवत्सर 2078 होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह संवत्सर "राक्षस" संवत्सर कहलाएगा। जानकारों के मुताबिक इस संवत्सर के दौरान रोग बढ़ेंगे, भय और अकाल तथा संक्रामक रोगों से प्रभावित होने की भी संभावना रहेगी। यदि नवरात्रि के प्रथम दिन से कुछ उपाय शुरू कर दिए जाएं तो आप आगे आने वाले संकटों और परेशानियों से बच सकते हैं।
 
विज्ञापन

2 of 5
हनुमान
संवत्सर 2078 के दुष्प्रभाव से बचने के लिए उपाय
ज्योतिष के जानकारों की मानें तो इस बार नवसंवत्सर के राजा और मंत्री दोनों का पदभार मंगल पर रहेगा। मंगल को पराक्रम, क्रूरता और उग्रता का कारक बताया गया है। इसलिए मंगल को अनुकूल बनाए रखना आवश्यक होगा। संवत्सर 2078 में किसी भी अप्रत्याशित घटना या मंगल के दुष्प्रभाव से बचने के लिए इसके लिए हनुमान जी की पूजा करना सबसे ज्यादा उत्तम रहेगा।
विज्ञापन

3 of 5
हनुमान जयंती
भगवान श्री राम की पूजा
इस वर्ष शखुशहाल और संतोषजनक जीवन व्यतीत करने के लिए भगवान श्री राम पूजा भी बहुत शुभफलदाई रहेगी। चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को राम नवमी का पावन पर्व भी मनाया जाता है, इसलिए भी इस दौरान राम जी की पूजा करना चाहिए। आगे पढ़े कि राक्षस संवत्सर के दुष्प्रभाव से बचने के लिए कैसे करें राम जी की आराधना।

4 of 5
नवरात्रि 2021 पहले दिन से आरंभ करें राम रक्षा स्तोत्र पाठ
नवरात्रि के पहले दिन से आरंभ राम रक्षा स्त्रोत का पाठ
दुर्घटनाओं और परेशानियों से बचने के लिए रामरक्षा स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। राम रक्षा स्तोत्र जैसे कि इसका नाम है इसी तरह से रह एक कवच के समान है। नवरात्रि के पावन दिनों में इसकी शुरुआत करने का लाभ जातक को अवश्य प्राप्त होता है, इसलिए आने वाले नवसंवत्सर के प्रभाव से बचने हेतु नवरात्रि के प्रथम दिन से ही राम रक्षा स्तोत्र पाठ कर दें लेकिन इस बात का ध्यान रहे कि एक बार इस पाठ का आरंभ करने के बाद आपको नियमित रूप से आवश्यक होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
भगवान राम करते हैं रक्षा
क्यों इतना फायदेमंद है राम रक्षा स्तोत्र पाठ
पौराणिक धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम ने स्वयं बुद्धकौशिक ऋषि के सपने में आकर उन्हें यह स्त्रोत सुनाया था। प्रात: होते ही उन्होंने इसे कलमबद्ध कर दिया था। इसके साथ ही रामायण कथा के अनुसार श्रीराम ने रावण से युद्ध पर जाने से पहले स्वयं देवी दुर्गा को प्रसन्न कर उनसे शक्ति मांगी थी। यही कारण है कि नवरात्रि के दिनों में राम रक्षा स्त्रोत प्रारंभ करने से भगवान राम स्वयं जातक की रक्षा करते हैं। यह पाठ दुर्घटनाओं से तो रक्षा करता ही है साथ ही यह जातक को बुरी नजर और बुरी शक्तियों से भी बचाता है।
 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें