फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aja Ekadashi 2021: जानें अजा एकादशी के नियम, भूलकर भी न करें ये गलतियां

Fri, 03 Sep 2021 06:46 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
अजा एकादशी 2021 - फोटो : अमर उजाला।
अजा एकादशी व्रत 3 सितंबर 2021, शुक्रवार को रखा जाएगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अजा एकादशी कहा जाता है। धार्मिक दृष्टि से यह व्रत बेहद ही महत्वपूर्ण माना जाता है। एकादशी का दिन भगवान विष्णु जी को प्रिय होता है। इस दिन उनकी आराधना की जाती है। साथ ही इस दिन लक्ष्मी जी की भी पूजा की जाती है। माना जाता है कि अजा एकादशी व्रत से मनुष्य के समस्त प्रकार के पापों का नाश हो जाता है। जो इसका व्रत करता है, वह इस लोक में सुख भोगकर अंत में विष्णु लोक में पहुंच जाता है। इस व्रत का फल अश्वमेघ यज्ञ, कठिन तपस्या, तीर्थों में दान-स्नान आदि से मिलने वाले फलों से भी अधिक होता है। यह व्रत एकादशी तिथि से प्रारंभ होकर द्वादशी तिथि की सुबह समाप्त होता है। इस दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यदि आप किसी कारण से व्रत नहीं कर सकते है तो इस दिन मन में विष्णु भगवान का ध्यान करते हुए सात्विक रहें और इन नियमों का पालन करें - 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
अजा एकादशी 2021 - फोटो : अमर उजाला।
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के पावन दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस दिन चावल का सेवन करने से मनुष्य का जन्म रेंगने वाले जीव की योनि में होता है। इस दिन जो लोग व्रत नहीं रखते हैं, उन्हें भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।
विज्ञापन

3 of 6
अजा एकादशी 2021 - फोटो : अमर उजाला
  • एकादशी के दिन शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए, इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है।

4 of 6
अजा एकादशी 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
  • एकादशी का पावन दिन भगवान विष्णु की अराधना का होता है, इस दिन सिर्फ भगवान का गुणगान करना चाहिए। एकादशी के दिन गुस्सा नहीं करना चाहिए और वाद-विवाद से दूर रहना चाहिए। 
विज्ञापन

5 of 6
अजा एकादशी 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
  • एकादशी के दिन महिलाओं का अपमान करने से व्रत का फल नहीं मिलता है। सिर्फ एकादशी के दिन ही नहीं व्यक्ति को किसी भी दिन महिलाओं का अपमान नहीं करना चाहिए। जो व्यक्ति महिलाओं का सम्मान नहीं करते हैं उन्हें जीवन में कई तरहों की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
अजा एकादशी 2021 - फोटो : अमर उजाला।
  • एकादशी के पावन दिन मांस- मंदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन ऐसा करने से जीवन में तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस दिन व्रत करना चाहिए। अगर आप व्रत नहीं करते हैं तो एकादशी के दिन सात्विक भोजन का ही सेवन करें। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें