दनादन क्रिकेट। लगा छक्का, दे चौका। यानी तीन घंटे का फुल इंटरटेनमेंट। यही है कि दुनिया की सबसे महंगी ट्वंटी-20 इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल)। दुनिया भर के टॉप क्रिकेटरों के साथ कदमताल करते अथवा उनके खिलाफ खेलते भारत के टॉप क्रिकेटर। इसमें करोड़पति क्रिकेटरों की फेहरिस्त भी खासी लंबी है।
पिछली बार आईपीएल पर स्पॉट फिक्सिंग का साया छाया रहा। आईपीएल -7 में क्रिकेट की मंडी में क्रिकेटरों की नीलामी पिछले संस्करण में क्रिकेटरों के कथित रूप से स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होने की आंच के बीच हुई। जस्टिस मुकुल मुदगल की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने सुप्रीम कोर्ट को जो रिपोर्ट सौंपी, उसमें भारत के टॉप छह क्रिकेटरों और चेन्नई सुपर किंग्स के मालिक के दामाद गुरुनाथ मयप्पन के दामन पर कथित रूप से फिक्सिंग के दाग के छींटे दिख रहे हैं।
इन सब विवादों को दरकिनार कर दें तो करीब दो महीने तक दनादन क्रिकेट का रोमांच सभी के सिर चढ़कर बोलेगा। इस बार सबसे महंगे युवराज सिंह (14 करोड़ रुपए) बिके। उन्हें अपने रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर (आरसीबी) ने खरीदा। आरसीबी के कप्तान विराट कोहली किसी भी कीमत पर युवी को अपनी टीम में चाहते थे। फिलहाल रंगत पाने को जूझ रहे धांसूं ओपनर वीरेंद्र सहवाग (3.2 करोड़) और चेतेश्वर पुजारा (1.9 करोड़) को इस बार किंग्स इलेवन पंजाब ने खरीदा।
पुजारा के लिए छवि बदलने का मौका
गौतम गंभीर को कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने बरकरार रखा। भारत के लिए सलामी जोड़ी और दमदार पेसर अभी भी बड़ी चुनौती है। ऐसे वनडे सीरीज में एक मैच को छोड़ कर शिखर धवन और रोहित शर्मा की जोड़ी नाकाम रही। टेस्ट सीरीज मे अकेले शिखर चले और मुरली विजय नाकामी रहे। आईपीएल सहवाग और गंभीर सरीखों कइयों का डूबता करियर संवार उनके लिए अंतरराष्ट्रीय करियर की 'दूसरी पारी' का मंच हो सकती है।
चेतेश्वर पुजारा के पास खुद को केवल 'टेस्ट' बल्लेबाज का ठप्पा हटाने का मौका मिल सकता है। पुजारा तकनीकी रूप से सबसे काबिल है और कुछ गेंदें भले ही पिच का मिजाज भांपने के लिए लें लेकिन निगाहें जमाने के बाद वह रनों का अंबार लगा सकते हैं।
रोहित शर्मा को सही रंगत पाने में आईपीएल-7 मददगार हो सकता है। आरसीबी के लिए खेलने वाले वरुण एरोन, केकेआर उमेश यादव (दो करोड़ रुपए), चेन्नई सुपर किंग्स मोहित शर्मा (2 करोड़) और ईश्वर पांडे (1.5 करोड़ रुपए) के लिए अगले साल वनडे वर्ल्ड कप के लिए लय पाने का मौका साबित हो सकता है। साथ ही सनराइजर्स के अमित मिश्रा और करण शर्मा के बॉलिंग ऑलराउंडर तथा पंजाब के ऋषि धवन के पास टीम इंडिया के बैटिंग ऑलराउंडर के रूप मे अपनी दावेदारी का दावा ठोकने का मौका आईपीएल दे सकती है।
युवाओं के पास सितारा बनने का चांस
घरेलू प्रतिभा पर खेला दांव इस बार विदेशी स्टार्स पर ज्यादा पैसा लगाने की बजाय आईपीएल फ्रेंचाइजी ने सूची में शामिल 154 भारतीय क्रिकेटरों में 104 को खरीदा। इस लिहाज से फिलहाल रेलवे के लिए खेल रहे मूलत: मेरठ के करन शर्मा (3.75 करोड़ रुपए) को सनराइजर्स हैदराबाद ने और किंग्स इलेवन पंजाब ने हिमाचल के ऋषि धवन (तीन करोड़ रुपए) में खरीद कर देसी प्रतिभा पर दांव खेला।
दिल्ली के रजत भाटिया (1.7 करोड़) को राजस्थान रॉयल्स ने, महाराष्ट्र के केदार जाधव (2 करोड़), पंजाब के लेग स्पिनर राहुल शर्मा (1.9 करोड़ रुपए), मयंक अग्रवाल (1.9 करोड़) और लक्ष्मीरतन शुक्ला (1.7 करोड़) को दिल्ली डेयरडेविल्स ने और कर्नाटक के लोकेश राहुल (1 करोड़) में खरीदा। भारत की अंडर-19 टीम के कप्तान विजय जोल (30 लाख) ने खरीदा।
न्यूजीलैंड में टेस्ट सीरीज में रंग में लौटने वाले लंबू पेसर इशांत शर्मा (2.6 करोड़ रुपए) और भारत की टी-20 टीम में जगह पाने वाले
लेग स्पिनर अमित मिश्रा (4.75) को सनराइजर्स हैदराबाद ने, अब भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की कर चुके मोहम्मद शमी (4.75 करोड़) को दिल्ली डेयरडेविल्स खरीद कर भारतीय के जांचे परखे क्रिकेटरों पर भी दांव खेला।
नीलामी में फायदे में रही पंजाब
पंजाब और दिल्ली का दांव सही पड़ा सभी आठ फ्रेंचाइजी बोली पर अधिकतम 60 करोड़ खर्च कर सकती थी। कम से कम 36 करोड़ खर्च करने थे। 2014 में बोली में खरीदे गए हर क्रिकेटर का करार एक साल का होगा लेकिन फ्रेंचाइजी अगर चाहे तो उसे दो साल के लिए और बढ़ा सकेगी।
फिलहाल आइपीएल-7 के लिए विंडो नौ अप्रैल से तीन जून तक है। इसकी तारीखें आम चुनावों से टकराती लग रही हैं। यदि चुनावों के कारण कोई अड़चन आई तो इसका आयोजन दक्षिण अफ्रीका में किया जा सकता है। आरसीबी और दिल्ली डेयरडेविल्स ने बोली के अपने-अपने पूरे 60-60 करोड़ क्रिकेटरों को खरीदने पर खर्च कर दिए।
मुंबई इंडियंस महज 5 लाख जबकि चेन्नई 20 लाख रुपए ही बचा सकी। सनराइजर्स हैदराबाद और कोलकाता नाइट राइडर्स एक-एक करोड़ रुपए बचाने में कामयाब रहे। क्रिकेटरों की इस खरीद में किंग्स इलेवन पंजाब ने 4.1 करोड़ रुपए और राजस्थान रॉयल्स ने सबसे ज्यादा 5.5 करोड़ रुपए बचाए। संयोग से पंजाब और राजस्थान का दांव सही पड़ा और दोनों ने ही कम कीमत पर बेहतरीन खिलाड़ी खरीदकर दिखाया, पैसा बचाना ही पैसा कमाना है।