पांच साल जेल की सजा काटने के बाद अभिनेता संजय दत्त रिहा हो रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी, सजा, पैरोल और रिहाई किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है। आखिर जानते हैं, क्या था संजय दत्त का मामला?
दरअसल साल 1993 में 12 मार्च को मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इसके पीछे कई बॉलीवुड हस्तियों का नाम भी सामने आया। संजय दत्त को अबू सलेम और रियाज सिद्दीकी से अवैध बंदूकों की डिलीवरी लेने, उन्हें रखने और फिर नष्ट करने का दोषी माना गया था।
टाडा अदालत में पेश सुबूतों के आधार पर ये हथियार उस जखीरे का हिस्सा थे, जिन्हें बम धमाकों और मुंबई पर हमले के दौरान इस्तेमाल किया जाना था। हालांकि संजय ने अदालत को दिए अपने बयान में कहा था, "मैं अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित था। इन हथियारों को रखने का यही कारण था। मैं घबरा गया था और कुछ लोगों के कहने में आकर मैंने ऐसा किया।"
कई हिट फिल्मों में किया काम
1993 वो वक़्त था जब संजय 'थानेदार', 'सड़क', 'साजन' और 'खलनायक' जैसी फिल्मों से सुपरस्टार बन चुके थे। संजय दत्त को पहले 1993 अप्रैल में गिरफ्तार किया गया और फिर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 1995 में बेल पर रिहा किया लेकिन दो ही महीने बाद दिसंबर 1995 में उन्हें फिर गिरफ्तार कर लिया गया।
उनके पिता सुनील दत्त के उनकी रिहाई की बहुत कोशिश की। कई और जाने-माने लोगों ने, जिनमें समाजवादी पार्टी नेता अमर सिंह, शिव सेना सुप्रीमो बाल ठाकरे और कई बॉलीवुड नेताओं ने उनके पक्ष में बयान दिए। बहरहाल लंबी कानूनी जद्दोजहद के बाद 1997 में उन्हें फिर जमानत मिली।
लेकिन दो साल का यह समय लंबा था और इस दौरान संजय ने करियर और पिता सुनील दत्त ने राजनीति में काफी कुछ खो दिया। संजय के केस की सुनवाई अब साल 2006 में होनी थी। साल 1997 से 2006 के बीच संजय ने कई बड़ी फिल्मों में काम किया। इनमें 'दुश्मन', 'वास्तव', 'कांटे', 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' और 'परिणीता' जैसी फिल्मों ने उन्हें बॉलीवुड की पहली पंक्ति में पहुँचा दिया।
शुरू हो गया जेल जाने का सिलसिला
31 जुलाई, 2007 को जब टाडा कोर्ट ने अभिनेता संजय दत्त को छह साल की सजा सुनाई, तो उन्होंने परिवार की सुरक्षा के लिए हथियार रखने की दलील दी। लेकिन इसके बावजूद अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया।
इसके बाद संजय दत्त का जेल जाने और आने का ऐसा सफर शुरू हुआ, जिसकी आलोचना सभी जगह हुई। 31 जुलाई को सजा सुनाए जाने के बाद संजय दत्त साल 2007 में दो बार जेल से जमानत पर बाहर आए और वापस गए। यह सिलसिला तब थमा, जब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी।
साल 2007 वही समय है, जब संजय की फिल्म 'लगे रहो मुन्नाभाई' सुपरहिट हो गई थी और वो 'शूटआउट एट लोखंडवाला' में एक ईमानदार एसीपी का किरदार निभा रहे थे।इसी दौरान साल 2009 में संजय को समाजवादी पार्टी की ओर से लोकसभा चुनाव लड़ने का भी प्रस्ताव मिला लेकिन अपने मामले को लेकर अनिश्चित संजय ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया।
टाडा अदालत ने सुनाई सजा
इसके बाद उनके फिल्मी करियर में भी एक 'फॉल' आया। संजय की फिल्में लगातार फ्लॉप होने लगीं और फिर ख़राब फिल्मों से जूझते संजय दत्त को सुप्रीम कोर्ट ने भी दोषी करार दिया। साल 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने टाडा अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए संजय को पांच साल की सजा सुनाई।
इसके बाद एक बयान में संजय ने कहा, "जो भी सजा मिली है, मैं उसे भुगतने को तैयार हूँ। मैं कोई राजनेता नहीं हूँ लेकिन एक राजनीतिक परिवार से हूँ। शायद इसीलिए निशाने पर हूँ।" संजय को दी गई इस सजा के ख़िलाफ बॉलीवुड के कई निर्माताओं ने अपील की बात भी रखी थी क्योंकि उन पर कई करोड़ की फिल्मों का भविष्य टिका था।
संजय के जेल जाने से विधु विनोद चोपड़ा, राजकुमार हिरानी (पीके), के एस रविकुमार (पुलिसगिरी), रेन्सिल डिसिल्वा (उंगली) और अपूर्वा लाखिया (जंजीर) जैसे फिल्म निर्माता-निर्देशकों को भारी नुकसान होता। राजकुमार हिरानी ने कहा था,"कानून सबसे ऊपर है, लेकिन इसका भी ख़्याल रखा जाना चाहिए कि किसी फैसले से फिल्म निर्माताओं के पैसे ख़राब न हों या किसी तरह से इसकी भरपाई हो।"
बन रही है बायोपिक
हालांकि अदालत ने ऐसी किसी भी अपील को मान्यता नहीं दी और संजय दत्त को सरेंडर के लिए एक महीने का समय दिया। इस दौरान संजय दत्त ने अपनी रुकी हुई फिल्मों की शूटिंग पूरी की। संजय जेल जाने के बाद भी विवादों में रहे। यह विवाद तब शुरू हुआ जब उन्होंने पैरोल पर बाहर आना शुरू किया। संजय दिसंबर 2014 को अपनी पत्नी मान्यता की ख़राब तबियत की बात कहकर बाहर आए और फिर उनकी यह पैरोल तीन बार बढ़ाई गई।
इसे लेकर मीडिया में काफी सवाल उठे और यह विवाद इतना बढ़ा कि महाराष्ट्र सरकार ने पैरोल के नियम सुधारने के लिए प्रस्ताव भी सदन में रखा। संजय दत्त बीते साल अगस्त में भी फरलो नियम के तहत जेल से बाहर आए थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया को अपने सिक्स पैक एब्स भी दिखाए। संजय ने कहा था,"मैं जेल में वजन घटा रहा हूँ और मैंने लगभग 16 किलो वजन घटा लिया है।"
संजय दत्त के जीवन पर बायोपिक बना रहे राजकुमार हिरानी संजय से लगातार चिट्ठियों और दूसरे माध्यमों से संपर्क में रहे हैं। राजकुमार हिरानी इस अभिनेता के बाहर आने के इंतजार में थे, ताकि अपनी फिल्म पर काम शुरू कर सकें। संजय के करीबी मित्र बंटी वालिया कहते हैं, "अब संजय चैन की सांस ले सकते हैं और नई ऊर्जा से काम कर सकते हैं। अब उनके सिर पर कोई तलवार नहीं लटक रही।"