पुणे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर शेख मोहसिन सादिक की हत्या के बाद से स्थानीय संगठन हिंदू राष्ट्र सेना चर्चा में है। सादिक की हत्या के आरोप में संगठन के 25 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है।
महाराष्ट्र पुलिस संगठन की गतिविधियों पर पैनी निगाह रख रही है। पुलिस हिंदू राष्ट्र सेना पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। इन्हीं खबरों के बीच इन दिनों एक और नाम सुर्खियों में है। धनंजय देसाई, हिंदू राष्ट्र सेना का मुखिया और मास्टरमाइंड।
सफेद कुर्ता और कंधे तक बालों में धनंजय की तस्वीर सोशल मीडिया, अखबार के पन्नों और टीवी चैनल पर छाई हुई है।
भाई के नाम से जाना जाता है धनंजय
34 वर्षीय धनंजय देसाई दरअसल हिंदू राष्ट्र सेना का प्रमुख है। संगठन की नींव इसी ने डाली थी। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, धनंजय देसाई पर 23 मामले दर्ज हैं। जिसमें हथियार रखना, फिरौती और दंगे जैसे मामले शामिल हैं।
पिछले वर्ष के बहुचर्चित नरेंद्र दाभोलकर मर्डर केस में भी धनंजय से पूछताछ हो चुकी है। आपत्तिजनक पैंफलेट बांटने के आरोप में फिलहाल पुलिस ने उसे हिरासत में ले रखा है।
सादिक की हत्या के मामले में पुलिस उससे भी पूछताछ कर सकती है। संगठन के बीच धनंजय को भाई के नाम से जाना जाता है।
एक दशक पहले किया हिंदू राष्ट्र सेना का गठन
धनंजय ने हिंदू राष्ट्र सेना का गठन एक दशक पहले किया था। मुंबई के एक साधारण परिवार में पलाबढ़ा धनंजय हिंदू धर्म पर होने वाले कथित हमलों के खिलाफ बहुत कम उम्र में ही सक्रिय हो गया था।
उसने 14 वर्ष की उम्र में ही पुणे में अपने मिजाज के लोगों का जुटाकर प्रदर्शन शुरु कर दिया। कुछ प्रदर्शनों के बाद वह दक्षिणपंथी संगठन बनाने की योजना में जुट गया।
कई अवैध गतिविधियों में लिप्त धनंजय का संगठन 2007 पहली बार चर्चा में आया।
धनंजय पर अब तक 23 मामले दर्ज
2007 में हिंदू राष्ट्र सेना के कार्यकर्ताओं ने एक मराठी टीवी चैनल पर हमला किया था। संगठन मुस्लिम लड़के के साथ एक हिंदू लड़की के भाग जाने की खबर को दिखाए जाने से नाराज था।
मालेगांव बम धमाकों में लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित की गिरफ्तारी का भी संगठन ने विरोध किया था। यही वह दौर था जब धनंजय पहली बार अपनी गतिविधियों से ध्यान खींचने में कामयाब रहा।
पिछले एक दशक में पुणे के अलग-अलग थानों में धनंजय पर अब तक 23 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
धनंजय को कई नोटिस दे चुकी है पुलिस
भड़काऊ भाषण देने के मामले में पुलिस धनंजय को कई बार नोटिस दे चुकी है। हालांकि उसने कभी इन नोटिसों का तवज्जो नहीं दी। धनंजय का कहना है कि वह ऐसे नोटिसों को कचरे के डिब्बे में फेंक देता है।
हाल ही में शिवाजी की जन्मदिवस से पूर्व पुलिस ने भड़काऊ भाषण न देने का निर्दश देते हुए एहतियातन उसे नोटिस भेजा। धनंजय ने उसके बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल पर पोस्ट किया- मेरा घर ऐसे नोटिसों से भरा पड़ा है। मैं हर महीनें उन्हें कबाड़ी को बेच देता हूं।
सादिक की हत्या के बाद पुणे में आपत्तिजनक संदेशों का आदानप्रदान किया गया था। पुलिस के मुताबिक, ये हरकत भी धनंजय के संगठन के सदस्यों ने ही की थी।