सीबीआई ने 3600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में दलाली मामले में भारतीयों की भूमिका की जांच में अधिकारियों की कानूनी मदद के लिए इटली में दो कानूनी फर्मों को नियुक्त किया है।
अधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि चिओमेंटी लॉ फर्म और ग्रिप्पो लॉ फर्म से अगस्ता वेस्टलैंड सौदे के तहत भारत को 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति करने के मामले में इससे जुड़े दस्तावेज और अन्य जरूरी सामग्री हासिल करने को सहायता मांगी गई है।
दोनों फर्मों से इटली के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने में मदद करने को कहा गया है। ये दोनों फर्म सौदे में दलाली के संबंध में साक्ष्य हासिल करने में इटली की सरकार और स्थानीय अदालतों में भारत का पक्ष रखेंगी। आरोप है कि 3600 करोड़ रुपये का करार कराने में मदद के लिए अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी ने 362 करोड़ रुपये की रिश्वत दी।
सूत्रों का कहना है कि इटली में सीबीआई और रक्ष मंत्रालय की संयुक्त टीम को बताया गया है कि यहां भी जांच अभी शुरुआती चरण में है और जो गिरफ्तारी की गई हैं, वे निषेधात्मक प्रकृति की है ताकि सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ न की जा सके।
इटली के अधिकारियों ने फिनमैकानिका कंपनी के सीईओ गियूसेप्पे ओरसी और अगस्ता वेस्टलैंड के सीईओ ब्रूनो को गिरफ्तार किया है। सीबीआई और कानूनी अधिकारियों की टीम के जल्द ही मामले की सुनवाई कर रहे जज से मुलाकात करने की संभावना है।