प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी के जीवन के कई पहलू अभी तक अनछुए हैं। अहमदाबाद स्थित जगन्नाथ मंदिर में नरेंद्र मोदी के सहयोगी रहे रामानंद संप्रदाय के संत लालबाबा नागाजी ने अमर उजाला से वार्ता में इन पहलुओं पर चर्चा की। दावानल कुंड वृंदावन के अपने आश्रम में संत लालबाबा नागाजी ने बताया कि एक साधक के जीवन ने ही नरेंद्र मोदी को इस ऊंचाई तक पहुंचाया है।
संत लालबाबा नागाजी के अनुसार नरेंद्र मोदी दो वर्ष तक केदारघाटी स्थित गरुड़ चट्टी की हनुमान गुफा में रहे। यहां दिव्य संत अभिरामदास महाराज के सानिध्य में दैवीय शक्तियों की कृपा प्राप्त की। स्वामी अभिराम दास ने ही मोदी को राष्ट्र सेवा की शक्ति से सुसज्जित और प्रेरित किया।
नरेंद्र मोदी के दादागुरु ने अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर के स्वामी नृसिंह दास से उनके लिए विशेष आशीर्वाद रूपी वस्त्र भी प्राप्त किए थे। उन्होंने बताया कि मोदी इन प्रसादी वस्त्रों को महत्वपूर्ण समय में पहनते हैं। अपने दैविक, आध्यात्मिक जीवन और साधना के फलस्वरूप ही मोदी आज सफलता के इस सोपान को प्राप्त कर सके हैं।
'मोदी का कोई बाल बांका नहीं कर सकता'
नागाजी कहते हैं कि संतों और ईश्वर की कृपा के फलस्वरूप कोई भी नकारात्मक शक्ति मोदी का बाल भी बांका नहीं कर सकती। कोई विरोधी या नकारात्मक शक्ति उन्हें राष्ट्र सेवा के मार्ग से भ्रमित नहीं कर सकती।
उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी आज भी प्रतिदिन सुबह अपने गुरुजनों की ओर से प्रदत्त आशीर्वाद रूपी शक्तियों का पुनर्जागरण करते हैं। इन शक्तियों का अनुभव हम सभी मोदी के व्यक्तित्व में भी करते हैं।
जगन्नाथ मंदिर में मोदी ने बिताए पांच साल
अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर से जुडे़ और अखिल भारतीय श्रीपंच निर्मोही अनि अखाड़े के श्रीमंहत राजेंद्रदास महाराज ने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते समय व्यस्त कार्यक्रमों के बाद भी मोदी अहमदाबाद में होने पर जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ के दर्शनों के लिए जरूर आते थे।
जगन्नाथ मंदिर मोदी के परिवार का गुरुद्वार भी है। पिछले 13 वर्षों से नरेंद्र मोदी जगन्नाथ यात्रा में सहभागिता करने अवश्य आए। उन्होंने घर छोड़ने के बाद जगन्नाथ मंदिर में पांच वर्ष का समय भी बिताया था। इसके बाद सन्यासी जीवन में उन्होंने दिव्य संत अभिरामदास से विशेष आशीर्वाद प्राप्त किया।