उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष ने पहले से विज्ञापित शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों के पदों की परीक्षा के लिए पहल करने के साथ नए पदों की घोषणा की दिशा में कदम उठाया है। चयन बोर्ड के अध्यक्ष एवं सचिव ने प्रदेश भर के इंटर कॉलेजों में 2013 के बाद खाली हुए पदों का विवरण जिला विद्यालय निरीक्षकों से भेजने को कहा है। 2013 में शिक्षक पदों के विज्ञापन के बाद अब तक लगभग पांच हजार शिक्षकों, प्रधानाचार्यों के पद खाली हो चुके हैं।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षकों से माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2014, 2015 एवं 2016 तक खाली होने वाले पदों का विवरण तलब किया है। बोर्ड की ओर से यह पहल शिक्षक भर्ती में होने वाली देरी को ध्यान में रखकर किया गया है। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. परशुराम पाल का कहना है कि 2011 एवं 2013 में विज्ञापित पदों को भरने के लिए आने वाली रुकावट को दूर करके उनकी परीक्षा कराने के लिए शासन से बात की जा रही है।
उन्होंने कहा कि 2011 में घोषित पदों कोलेकर हाईकोर्ट में मामला लंबित है, बोर्ड की ओर से इस अड़चन को दूर करने के लिए कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा जाएगा। इसके लिए बोर्ड से जुड़े अधिवक्ताओं से विचार-विमर्श किया जा रहा है। 2013 में घोषित पदों पर कोई विवाद नहीं होने के कारण बोर्ड इन पदों की पहले परीक्षा कराने के लिए शासन से बात कर रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही परीक्षा की राह आसान होगी। चयन बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि जैसे ही पदों का विवरण चयन बोर्ड पहुंचेगा, इन पदों के लिए आवेदन मांग लिए जाएंगे।