मोदी के चर्चित सूट के लेकर जमकर हल्ला मचा हुआ है। सियासी गलियारे से लेकर मीडिया जगत में मोदी के नाम वाले सूट के चर्चे आम हो चले हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं आखिर जिस सूट को लेकर इतना हंगामा मचा है वो मोदी के पास कहां से आया।
चलिए आपको मोदी के चर्चित सूट की पूरी कहानी बताते हैं। तारीख थी 25 जनवरी जब अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत दौरे पर आए थे।
हैदराबाद हाउस में बैठक के दौरान मोदी पहली बार इस सूट में नजर आए। मोदी की इस सूट की खूबी यही थी कि काले रंग के इस सूट पर सोने के धागे से प्रधानमंत्री मोदी का पूरा नाम लिखा था।
जैसे ही मोदी इस सूट में नजर आए इस पर विवाद गहरा गया। विपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा से इस सूट की सच्चाई और उसकी कीमत के बारे में कई सवाल किए। बाद में पता चला कि मोदी ने जो सूट पहना वो उन्हें गिफ्ट किया गया था।
रमेश वीरानी ने सूट गिफ्ट करने का किया दावा
गिफ्ट में मिले प्रधानमंत्री मोदी के इस सूट पर उन्होंने पहले ही कहा था कि वो इस सूट को या तो नीलाम कर देंगे, या तो दान कर देंगे।
आखिरकार 18 फरवरी को उनके चर्चित सूट समेत उन्हें मिले गिफ्ट की नीलामी शुरू हुई। सूरत में नीलामी के दौरान ही वो शख्स भी सामने आया जिसने मोदी को ये सूट गिफ्ट किया था।
हीरा कारोबारी रमेश भाई वीरानी ने खुद सामने आकर दावा किया कि उन्होंने मोदी को ये सूट गिफ्ट किया था। उन्होंने बताया कि अपने बेटे की शादी का निमंत्रण देने के दौरान ये सूट प्रधानमंत्री को भेंट किया था। साथ ही उनसे बेटे की शादी में आने का आग्रह भी किया था।
रमेश वीरानी ने आगे कहा कि मेरे पिता उन्हें हमेशा अपने बड़े बेटे की तरह मानते थे। लेकिन अब वो इस दुनिया में नहीं हैं। ऐसे में उनके बड़े बेटे के नाते उनकी इच्छा है कि प्रधानमंत्री मोदी उनके बेटे को अपना आशीर्वाद देने जरूर पहुंचे।
हालांकि मोदी ने व्यस्तता के चलते आने से मना कर दिया। इसके बाद मैंने उनसे कहा कि अगर आप आ नहीं सकते तो मेरे दिए सूट को आप उस दिन जरूर पहन लें। यही मेरे बेटे के लिए आपका शादी का आशीर्वाद होगा। रमेश वीरानी ने बताया कि उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बहुत पुराना नाता रहा है।
आखिर कौन हैं रमेश वीरानी?
रमेश वीरानी ने आगे बताया कि उनके पिता भी मोदी को एक कुर्ता और धोती पहनने के लिए हमेशा भेजते रहते थे। एक बार मैंने अपने पिता से इस बारे में पूछा कि जब मोदी कुर्ता धोती नहीं पहनते तो क्यों देते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि ये मेरा प्यार है जो मैं उन्हें देता हूं।
रमेश वीरानी हीरा कारोबार से जुड़े हुए हैं। उनकी कंपनी कार्प ग्रुप दुनिया के 6 बड़े हीरा कारोबारियों में शुमार है। रमेश वीरानी चार भाई हैं। जिनके नाम किशोर, अनिल, रमेश और पंकज वीरानी है। उनके नाम से इस कंपनी का नाम कार्प (KARP) ग्रुप रखा गया। इस ग्रुप का कारोबार कई देशों में फैला हुआ है।
फिलहाल सूट को लेकर कयास अभी भी जारी है। इस बीच सूट की नीलामी के बाद मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल गंगा सफाई अभियान में किया जाएगा।