उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सांप्रदायिक तनाव चल रहा है। मगर राजनीतिक दल एक दूसरे पर अंगुली उठाकर फायदे की राजनीति में जुटे हुए हैं। राहुल गांधी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव के मामलों में बढ़ोतरी हुई है।
कुछ लोग जानबूझकर सांप्रदायिक तनाव को तूल दे रहे हैं। तो इसके जवाब में भाजपा ने कांग्रेस पर सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप लगाया है। भाजपा ने कहा है कि राहुल का यह बयान खुद उनकी सांप्रदायिक सोच को दिखाता है।
राहुल ने लगाया बीजेपी पर गंभीर आरोप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल का बगैर नाम लिए कहा कि चुनाव में घोर पराजय के बाद लोग वोट बैंक की पुरानी आदतों को छोड़ नहीं पा रहे। रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि 16 मई से लेकर अब तक उत्तर प्रदेश पुलिस ने 605 सांप्रदायिक तनाव के मामले दर्ज किए हैं।
इनमें से ज्यादातर उन 12 विधानसभा क्षेत्रों में हुए जहां नवंबर में उपचुनाव होने हैं। राहुल गांधी ने इन आंकड़ों को आधार बनाकर कहा है कि देश में जानबूझकर सांप्रदायिक विवाद पैदा किया जा रहा है। ये सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में हो रहा है। गरीबों को बांटने की सोची समझी साजिश है।
'बंद हो ध्रुवीकरण और बंटवारे की राजनीति'
भाई से भाई को लड़ाने का षड्यंत्र रचा गया है, ताकि गरीबी और भुखमरी जैसी समस्याओं को भुलाकर लोग आपस में लड़ें। राहुल का कहना है कि चुनावी फायदे के लिए ध्रुवीकरण और बंटवारे की राजनीति बंद होनी चाहिए।
उधर, राहुल को जवाब देते हुए पर्यावरण मंत्री और भाजपा नेता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो कुछ हो रहा है। वह कांग्रेस की वजह से ही हो रहा है। कांग्रेस ने केंद्र में दस साल तक समाजवादी पार्टी का समर्थन लिया और वही सपा उत्तर प्रदेश में सरकार चला रही है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई पार्टी सांप्रदायिक राजनीति करती है तो वह कांग्रेस है। उनका मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन है। हैदराबाद में एमआईएम के साथ उनका गठजोड़ है। जावडेकर ने कहा कि कांग्रेस संसद में सांप्रदायिक हालात पर बहस करवाकर देश में तनाव बढ़ाना चाहती है।