महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सत्तारूढ़ कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन की ओर से चला गया आरक्षण कार्ड का मुद्दा अब कोर्ट पहुंच गया है।
मराठों और मुसलमानों को अक्तूबर में अलग से आरक्षण देने के सरकार के फैसले के खिलाफ बांबे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है।
ये याचिका समाजसेवी केतन तिरोडकर ने नए आरक्षण को संविधान के खिलाफ बताते हुए सरकार के फैसले को चुनौती दी है। महाराष्ट्र सरकार ने दो दिन पहले ही मराठों को 16 फीसदी और मुसलमानों को पांच फीसदी आरक्षण देने की घोषणा की है।