सरकार की पुचकार के बाद नेताजी मुलायम हो गए हैं।
चीन की घुसपैठ का मसला हो या 2जी स्पेक्ट्रम में जेपीसी में छिड़ी जंग या फिर कोयले पर मचा कोहराम, सपा सरकार का देगी साथ।
सूत्रों की मानें तो सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने एक बार फिर सरकार के संकटमोचक बनने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।
नेताजी की पिछले दिनों में सरकार के अलग-अलग नुमाइंदों से मुलाकात के बाद सपा के तेवर शांत हो गए हैं।
शुक्रवार को सपा सुप्रीमो ने संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात की। साथ ही वह विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री नारायण सामी से भी मुलाकात की।
इससे पहले बृहस्पतिवार को वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मिल चुके हैं। सलमान खुर्शीद से मुलाकात के बाद मुलायम ने कहा कि अब सरकार चीन पर कुछ गंभीरता दिखा रही है। मगर जरूरत है, हमारी जमीन से चीनी सैनिकों को खदेड़ने की।
जेपीसी के मुद्दे पर भी सपा अब नरम दिख रही है। अभी तक सपा पूर्व संचार मंत्री ए राजा को जेपीसी में अपना पक्ष रखने की बात करते हुए इसकी फाइनल रिपोर्ट में दस्तखत नहीं करने की बात कह रही थी।
मगर अब दस्तखत नहीं करने के सवाल पर पार्टी कुछ भी कहने से इंकार कर रही है। सपा महासचिव नरेश अग्रवाल ने कहा कि हमारी एक ही मांग है कि राजा को बुलाया जाए।
हालांकि जेपीसी की रिपोर्ट में दस्तखत नहीं करने के सवाल पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। इससे पहले पार्टी साफ तौर पर कह रही थी कि सपा जेपीसी की अंतिम रिपोर्ट में दस्तखत नहीं करेगी।
खुर्शीद से मुलाकात के बाद मुलायम सिंह ने बताया कि जब वह रक्षा मंत्री थे, तो चीन ने भारतीय सीमा में एक किलोमीटर तक घुसपैठ की थी और हमारी सेना ने उनकी सीमा में चार किलोमीटर घुसकर खदेड़ दिया था। मैंने विदेश मंत्री को कहा है कि चीन पर विश्वास नहीं किया जा सकता।