समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह ने सपा प्रमुख मुलायम सिंह पर निशाना साधते हुए कहा वह आजम खान को पार्टी से नहीं निकाल सकते क्योंकि इससे सपा को मुस्लिम वोटों का नुकसान होगा।
अमर सिंह ने कहा कि मुलायम सिंह में आजम खान को पार्टी से निकालने की हिम्मत नहीं है। इससे सपा के एक मुस्लिम नेता शहीद माने जाएंगे और प्रतिक्रिया स्वरूप सपा को नुकसान उठाना पड़ेगा।
मुजफ्फरनगर दंगों को रोकने में यूपी सरकार की नाकामी के चलते आजम खान पार्टी से नाराज बताए जा रहे हैं। वह बुधवार को हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे।
अमर सिंह का यह बयान सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव के उस बयान के बाद आया है जिसमें आजम खान पर निशाना साधा था।
रामगोपाल यादव ने कहा था कि पार्टी को कोई भी ब्लैकमेल नहीं कर सकता क्योंकि मुस्लिमों के बीच मुलायम सिंह जैसा कद किसी का नहीं है।
इमोशनल फूल न बनें आजम
वहीं, अमर सिंह ने आजम खान को सलाह दी है कि वह पार्टी से अलग न हों और वहीं रहकर अपनी लड़ाई करें। आजम उनकी तरह 'इमोशनल फूल' न बनें।
उन्होंने आगे कहा कि मुलायम सिंह गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से नजदीकियां बढ़ाना चाहते हैं। मुलायम सिंह का भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की तारीफ करना और दो मुस्लिम नेताओं शाहिद सिद्दीकी और कमाल फारूकी को पार्टी से निकालना इसी का संकेत है।
सिद्दीकी को एक साप्ताहिक उर्दू अखबार के लिए गुजरात दंगों पर मोदी का साक्षात्कार लेने के चलते पार्टी से निकाला गया था। इस साक्षात्कार पर काफी विवाद भी हुआ था। फारूकी को आतंकी यासीन भटकल की गिरफ्तारी पर विवादित बयान के लिए निकाला गया था। उन्होंने कहा था की भटकल को इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि वह मुस्लिम है।