केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने नरेंद्र मोदी को देश का पहला असली फासीवादी करार देते हुए स्वीकार किया कि गुजरात के मुख्यमंत्री आगामी लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के लिए चुनौती पेश कर रहे हैं।
भाजपा में चल रहे घटनाक्रम पर निशाना साधते हुए रमेश ने मोदी को भस्मासुर की संज्ञा दी।
उन्होंने कहा कि मोदी उसे ही नुकसान पहुंचाते हैं, जो उन्हें आगे बढ़ाता है। गुजरात के मुख्यमंत्री ने अपने वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को भी नहीं बख्शा।
रमेश ने राहुल गांधी और मोदी के बीच तुलना भी कर डाली। उन्होंने कहा कि राहुल देश में एक ढांचा और व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि मोदी कह रहे हैं कि वह खुद व्यवस्था और ढांचा हैं।
ऐसा संभवत: पहली बार है जब किसी कांग्रेसी नेता ने मोदी को पार्टी के लिए चुनौती माना है।
अभी तक कांग्रेस मोदी को यह कहकर खारिज करती आ रही थी कि उनका प्रभाव सिर्फ गुजरात तक ही सीमित है। यही बात कहते हुए कांग्रेस राहुल और मोदी की तुलना से भी इंकार करती रही है।
कांग्रेस के मुख्य रणनीतिकारों में से एक रमेश ने कहा कि मोदी ने निश्चित रूप से चुनौती पेश की है। न केवल प्रबंधन के स्तर पर, बल्कि विचारधारा के लिहाज से भी।
हालांकि केंद्रीय मंत्री ने इस बात को खारिज कर दिया कि कांग्रेस मोदी से डर गई है।
यह पूछे जाने पर कि 2014 के लोकसभा चुनावों में मोदी से मिलने वाली कड़ी चुनौती से कांग्रेस डर रही है, इस पर उन्होंने कहा कि हम मोदी से क्यों डरें? उन्होंने गुजरात में तीन बार चुनाव में विजय पाई है और निसंदेह वह दमदार प्रचारक हैं।
रमेश ने कहा कि मोदी को भाजपा ने पार्टी की चुनावी समिति का चेयरमैन बनाया है और हम इस सच्चाई को स्वीकार करते हैं। अगर भाजपा जानबूझकर खुदकुशी करना चाहती है तो हम उसे क्यों रोकें।