जाको राखे साइयां, मारे सके न कोय। यह कहावत नाइजीरिया में सच साबित हुई। एक नाइजीरियाई रसोइया जिस जहाज पर सवार था, वह डूब गया। लेकिन इस रसोइए पर भगवान का हाथ था, इसलिए मौत के बीच खड़े हुए भी उसका बाल बांका नहीं हुआ।
नाइजीरियाई तट से 20 मील दूर जब जहाज डूबना शुरू हुआ, तो हैरिसन ओकेन टग के बाथरूम में था। उसके बाकी 11 साथियों ने लुटेरों के डर से खुद को कमरे में बंद कर रखा था।
लेकिन ओकेन बाहर था, इसलिए बचाव की कोशिश की। उसे एक हवा के बुलबुले ने बचा लिया और डूबे हुए जहाज में हवा के एक बुलबुले के सहारे वह तीन दिन तक जिंदा रहा।
ओकेन ने कहा, 'मैंने सौ बार दुआ मांगी। जब मैं थक गया, तो भगवान को पुकारता रहा। मुझे उम्मीद थी कि कोई चमत्कार होगा।'
जहाज डूबने के बाद वह समंदर के 98 फुट नीचे फंसा था और कैबिन में पानी चढ़ता जा रहा था। उसे डरावनी आवाजें आ रही थीं, जो शायद हमलावर मछलियों की थी। लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी।
ओकेन को मौत साफ दिख रही थी और उसे अपना परिवार याद आ रहा था, लेकिन तीन दिन बाद उसे नई जिंदगी मिली। बचावकर्ताओं की टॉर्च की रोशनी देखकर वह चौंक पड़ा।
ओकेन ने बताया, 'मैंने बचावकर्ता के सिर पर हाथ लगाया, तो वह हैरत में पड़ गया। वह जीवित लोगों को खोज रहे थे और मैंने लाइट देखकर पानी में छलांग लगानी शुरू कर दी।'