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मंत्री बेटों के कामकाज में लालू दे रहे हैं दखल?

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लालू यादव अपने बेटों के मंत्रालयों में दखल देने से बाज नहीं आ रहे। इस बार उन्होंने अपने छोटे बेटे और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के मंत्रालय में दखल देने की। उन्होंने सड़क निर्माण विभाग से मुख्य सचिव को राघोपुर में जल्द से जल्द पांटूल पुल बनाने के आदेश दिए।
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मुख्य सचिव (सड़क निर्माण) अरुण कुमार सिंह ने बताया कि वे किसी जरूरी काम के लिए लालू यादव के पटना के 10 सर्कूलर रोड स्थित आवास पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि मंत्री तेजस्वी और उनके पिता लालू यादव ने उनसे राघोपुर (तेजस्वी का विधानसभा क्षेत्र) में पांटूल पुल से निर्माण की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि बहुत सारे लोग इससे लिए गुहार लगा रहे हैं। गौरतलब है कि तेजस्वी के पास तीन अन्य मंत्रालयों का अतिरिक्त भार है जिनमें से सड़क निर्माण विभाग भी एक है।

इसी तरह का एक और मामला उस वक्त सामने आया जब स्वास्थ्य सचिव आरके महाजन स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव के पास पहुंचे। महाजन और लालू यादव अगल-बगल में बैठे हुए थे। इस दौरान लालू ने तेजस्वी को यह कहते हुए वहां से जाने को कहा कि उन्हें मुख्य सचिव से कुछ जरूरी बात करनी है।
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'इसमें कुछ गलत नहीं'

इससे पहले लालू यादव ने पिछले हफ्ते इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस का औचक निरीक्षण भी कर चुके हैं। वार्ड का निरीक्षण करने के दौरान लालू ने अपने बेटे और स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप से भी बात कर स्वास्थ्य सचिव को और ज्यादा सुधार करने के निर्देश दिए थे। बाद में तेज प्रताप ने भी कहा था कि ने अपने 'पिता की सलाह' पर काम करेंगे।

इतना ही नहीं इसी हफ्ते लालू यादव ने दरभंगा मेडिकल कॉलेज के सुपरिटेंडेंट को आरजेडी प्रमुख के हैसियत से एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने दरभंगा मेडिकल कॉलेज के सिविल सर्जन डॉ श्रीराम सिंह को निर्देश दिए थे जिसमें 'ममता कार्यकर्ताओं' की फिर से बहाली करने के निर्देश दिए थे। इस पर सिंह ने लालू को एक पत्र लिखकर पूछा था कि जब वे सरकार में किसी आधिकारिक पद पर नियुक्त नहीं हैं तो वे उनके निर्देश क्यों मानने चाहिए। पत्र के सामने आने के बाद सिंह को पटना में तलब किया गया था।

इस मामले में लालू और आरजेडी के नेताओं का कहना है कि इसमें कुछ गलत नहीं है। वहीं आरजेडी प्रवक्ता ने कहा कि 'महत्वपूर्ण राजनेता' ऐसे निर्देश दे सकते हैं।
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