देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेल बजट 2014 पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि रेल का विस्तार भी हो, रेल का विकास भी हो। रेल बजट का जोर सेवा, गति और सुरक्षा पर है। रेलवे को आधुनिक बनाने की दिशा में यह एक प्रयास है जो भारत को भी विकसित बनाएगा।
रेल बजट दर्शाता है कि भारत की विकास यात्रा में रेलवे की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह बजट संस्थानिक तंत्र को मजबूत करता है। इसका ध्यान पारदर्शिता और अखंडता पर है। रेल बजट में भारत का विकास दिखता है। इसमें हम तकनीक का बेहतर इस्तेमाल भी देख सकते हैं।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि रेल बजट में दूरदर्शिता का अभाव है। इस बजट को अच्छा नहीं कहा जा सकता है। कई राज्यों की अनदेखी की गई है।
पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल ने कहा कि एनडीए सरकार की तरफ से देश के विकास को लेकर जितने भी निर्णय लिए जाएंगे। उनका स्वागत किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रेल बजट में अपने राज्य की अनदेखी पर नाराज हैं। उन्होंने कहा कि रेल बजट में बंगाल को कुछ भी नहीं मिला है।
जेडीयू नेता शरद यादव ने कहा कि रेल बजट में बहुत बड़ी जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्र को बाहर रखा गया है।
हरसिमरत कौर सिंह बादल ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह एक संतुलित रेल बजट है। रेल बजट में समस्याओं से व्यापक रूप से निपटा जाएगा।
पूर्व रेल राज्य मंत्री अधीर रंजन चौधरी ने रेल बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रेलवे और लोगों पर भारी खतरा आने वाला है।
पूर्व सूचना एंव प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि यह रेल बजट की तरह नहीं है यह तो रेलवे का निजीकरण है।
केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किरीन राजू ने कहा कि इस रेल बजट में पूर्वोत्तर राज्यों के बहुत कुछ है।
केंन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि रेलवे की हालत को देखते हुए यह बजट उसके स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा है।