मासूम चेहरा, आंखों में तैरती ख्वाहिशें और लक्ष्य देश का नाम बुलंद करना। यह सोच है भारतीय शूटिंग टीम में शामिल सबसे कम उम्र की शूटर अनन्या चौहान की।
ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने का सपना
दिल्ली के डॉ. कर्णी सिंह रेंज में 14वीं कुमार सुरेंद्र सिंह नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में अनन्या ने 10 मीटर एयर पिस्टल का कांस्य पदक जीता है। उनका सपना ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है।
पंडितवाड़ी निवासी अनन्या केवल 15 साल की हैं, लेकिन सटीक निशाना उनकी पहचान है। एशियन स्कूल में कक्षा 10 की इस छात्रा ने वर्ष 2008-09 में जसपाल राणा शूटिंग एकेडमी से शुरुआत की थी।
बचपन में फुटबॉल और बैडमिंटन की शौकीन अनन्या को हरिद्वार में नाना हरि सिंह राजपूत के घर रखी बंदूक देखकर शूटिंग का शौक जगा। इसके बाद पिता नीरज चौहान ने प्रेरित किया।
कोच जसपाल राणा से खेल की बारीकियां सीखने के दौरान 2010 में जिला स्तरीय प्रतियोगिता में पहला गोल्ड जीता। इस समय उनकी झोली में नेशनल स्तर पर दो कांस्य सहित 25 पदक हैं।
25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल का स्वर्ण अनन्या के नाम
नॉर्थ जोन शूटिंग चैंपियनशिप में 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल का स्वर्ण अनन्या ने अपने नाम किया है। वहीं राज्य स्तर पर 15 स्वर्ण, 6 रजत और एक कांस्य जीता है।
2011 और 2012 में सिंगापुर ओपन नेशनल चैंपियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है।
अनन्या ने बताया कि भारतीय शूटिंग के ट्रेनिंग स्क्वायड में वह शामिल रहीं। इसी साल हुए ट्रायल में 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल में प्रतिभाग किया है।