एसडीएम इंद्रेश कुमार और उनके ड्राइवर विजय की सड़क हादसे में मौत की खबर बुधवार सुबह जैसे ही मिली जिला प्रशासन में शोक की लहर दौड़ गई। डीएम ने सभी कार्यक्रमों को रद कर कलक्ट्रेट सभागार में शोकसभा बुलाई और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। वहीं, अनहोनी की सूचना मिलते ही मृतक एसडीएम का परिवार इलाहाबाद के लिए रवाना हो गया।
बुधवार की सुबह हाईकोर्ट जाते समय एसडीएम खुर्जा इंद्रेश कुमार और उनके कार चालक विजय की फतेहपुर जनपद की खागा तहसील में सड़क हादसे में मौत हो गई। एसडीएम इंद्रेश कुमार ने जनपद में एक अक्तूबर 2012 को अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के रूप में ज्वाइन किया था।
ज्वाइनिंग के छह माह बाद उनको अनूपशहर का एसडीएम बनाकर भेजा गया। डिबाई तहसील में भी एसडीएम इंद्रेश कुमार ने सेवाएं दीं।
सिकंदराबाद से खुर्जा हुआ था तबादला
छह जून को डीएम निधि केसरवानी ने एसडीएम इंद्रेश कुमार का तबादला सिकंदराबाद से खुर्जा तहसील में कर दिया। जनपद में उनका कुल कार्यकाल 18 माह का रहा। इस अवधि में उन्होंने सरकारी और पारिवारिक कई उतार-चढ़ाव भी देखे। वे डीएम कालोनी में परिवार के साथ रहते थे। बता दें कि एसडीएम इंद्रेश कुमार ने मंगलवार को तहसील दिवस में शिकायतें सुनी थीं।
बाद में एसडीएम और सीओ शैलेंद्र श्रीवास्तव खुर्जा की मुरारीनगर कालोनी में जलभराव की समस्या का समाधान करने गए थे। यह शिकायत तहसील दिवस में प्राप्त हुई थी। उनको यह कतई मालूम नहीं था कि यह विजिट उनकी आखिरी विजिट होगी। एसडीएम इंद्रेश कुमार का व्यवहार बेहद संतोषजनक बताया जाता है। वह अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे छोड़ गए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही बदहवास परिवार इलाहाबाद के लिए रवाना हो गया। एसडीएम के निधन पर जिला प्रशासन में मातम छा गया। कलक्ट्रेट के सभी कर्मचारी शोक में डूबे रहें।
हालांकि दोपहर बाद डीएम ने आधे दिन का अवकाश घोषित कर दिया। सपा विधायक गुड्डू पंडित ने एसडीएम इंद्रेश कुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया। विधायक ने आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा। यह जानकारी मीडिया प्रभारी अनिल देशभक्त ने दी। विधायक दिलनवाज खान, सपा नेता सुनील सिंह, सपा जिलाध्यक्ष हिमायत अली, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, बसपा जिलाध्यक्ष रोशनलाल राहुल, भाजपा जिलाध्यक्ष डीके शर्मा ने भी शोक जताया और एसडीएम को मृदुभाषी अफसर बताया।
ऐसे मिली हादसे की जानकारी
सुबह करीब सात बजे किसी सरकारी काम के संबंध में एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव ने एसडीएम इंद्रेश कुमार को फोन लगाया। फोन सिपाही ने उठाया और उनको हादसे की जानकारी दी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और अधिकारी उनके सरकारी आवास पर पहुंच गए और हादसे की सूचना एसडीएम की पत्नी को दी गई। आनन-फानन में एसडीएम के तीनों बच्चों को निर्मला कान्वेंट और डीपीएस से बुलाया गया। करीब आठ बजे एसडीएम का परिवार इलाहाबाद के लिए रवाना हो गया।
नहीं दी मौत की सूचना
जिला प्रशासन ने एहतियातन एसडीएम की पत्नी को सड़क दुर्घटना में एसडीएम के घायल होने की सूचना दी थी। शाम पांच बजे तक एसडीएम की पत्नी और बच्चे एसडीएम इंद्रेश कुमार की मौत से अंजान थे।
महिला हेल्पलाइन का नहीं हुआ शुभारंभ
एसडीएम इंद्रेश कुमार व उनके ड्राइवर के निधन की वजह से महिला हेल्पलाइन का शुभारंभ नहीं हो सका। बता दें कि इस कार्यक्रम के निमंत्रण कार्ड बांटे गए थे। शुभारंभ डीएम रोड स्थित एक होटल में होना था। डीएम निधि केसरवानी ने बताया कि हेल्पलाइन का शुभारंभ किसी और दिन किया जाएगा। महिलाएं 05732-282828, 7037282828 पर शिकायत दर्ज करा सकती हैं।